Ankur Construction corruption: अंकुर पर अंकुश नहीं
Ankur Construction corruption: Ankur is unchecked
Ankur Construction corruption: ग्रेवेल सडक़ केवल आरईएस विभाग सरकारी धन का दरूपयोग नहीं कर रहा बल्कि कई विभागों पर ऊंगलियां उठाने को भी मजबूर कर रहा है। अब बात सामने आ रही है कि ग्रेवेल सडक़ के लिए बड़े पैमाने खनन किया जा रहा है,

अब यहां खनिज विभाग की भूमिका भी अहम हो जाती है विभाग के आला अधिकारी ये देखें कि कहां से और किस स्तर का अवैध खनन किया जा रहा है, वन विभाग को भी खनन से पेड़ों को हो रहे नुकसान के मामले को संज्ञान में लेना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि जंगल को कितना नुकसान हुआ है, खनिज विभाग को भी अपनी रायल्टी की चिंता होनी चाहिए,
यदि खनन वैध है तो रायल्टी नहीं तो जुर्माना दोनों तरह से खनिज विभाग भी अपना राजस्व बढ़ा सकता है, लेकिन देखा जाए तो जिला स्तर पर किसी अधिकारी को इतनी फुर्सत ही नहीं कि वहां जाकर देखें, पहले तो जनपद पंचायत के सीईओ फिर जिला पंचायत सीईओ की भी जिम्मेदारी बनती है कि आखिर वे देखें कि आरईएस विभाग में आखिर चल क्या रहा है, दाल में कहीं काला है या पिुर पूरी दाल ही काली है।
Ankur Construction corruption: अंकुर कंस्ट्रक्शन की ग्रेवेल सडक़ में आदित्य पंडोले मित्र मंडल का अवैध खनन बेलगाम
आपको बता दें कि आरईएस विभाग द्वारा समूचे ब्लॉक में एक दर्जन से अधिक सडक़ों का निर्माण किया जा रहा है जिसमें अधिकतम सडक़े 30 से 38 प्रतिशत पर अंकुर कंस्ट्रक्शन बैतूल ने टेंडर बीट कर ले रखी है। सूत्र बताते हैं कि अंकुर कंस्ट्रक्शन ने अपनी सभी रोड बैतूल के ठेकेदार आदित्य पंडोले मित्र मंडली को बनने के लिए आपसी समझौते में दी जिसके बाद भीमपुर के विकास की सडक़े भ्रष्टाचार में तब्दील होना शुरू हो गई हैं।
भीमपुर क्षेत्र में ग्रेवल सडक़ निर्माण कार्यों के दौरान अवैध खनन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। चाटूपाड़ी से बन रही भोदलाखेड़ा रोड के निर्माण में अंकुर कंस्ट्रक्शन से जुड़े कार्यों के दौरान नियमों की अनदेखी किए जाने की शिकायत स्थानीय स्तर पर की जा रही है। सूत्रों के अनुसार आदित्य पंडोले से संबंधित श्री कृष्ण कंस्ट्रक्शन द्वारा मुरूम और बजरी की आपूर्ति के लिए अवैध खुदाई की गई।

Ankur Construction corruption: खेतों से मुरूम, नदी से बजरी
सूत्र बताते हैं कि सडक़ निर्माण के लिए मुरूम स्थानीय किसानों के खेतों और पहाड़ी क्षेत्रों से निकाली गई। मुरूम खुदाई के बदले खेत की जमीन को काली मिट्टी डालकर समतल करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया।
वर्तमान स्थिति यह है कि जिन खेतों से मुरूम निकाली गई, वे अब खेती योग्य नहीं रह गए हैं। वहीं बजरी के लिए भोदला खेड़ा क्षेत्र की नदी को अवैध रूप से खोदे जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
Ankur Construction corruption: राजस्व भूमि पर पेड़ों को नुकसान
ग्रेवल सडक़ निर्माण के दौरान साइड से की गई मुरूम खुदाई के चलते राजस्व भूमि पर खड़े सागवान सहित अन्य छायादार पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। चूंकि यह भूमि राजस्व विभाग के अंतर्गत आती है, ऐसे में अब विभागीय कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
Ankur Construction corruption: वन भूमि में अतिक्रमण के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ निर्माण के दौरान कई स्थानों पर बिना स्वीकृति वन विभाग की भूमि में रेत और गिट्टी का डंप किया गया। साथ ही कुछ स्थानों पर तार फेंसिंग को नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायत भी की गई है, जिससे वन भूमि की सुरक्षा पर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

Ankur Construction corruption: राजनायक मित्रों की छत्रछाया में अवैध खनन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा अवैध खनन कथित रूप से राजनैतिक मित्रों की छत्रछाया में संचालित हो रहा है, जिसके चलते संबंधित विभागों की ओर से समय रहते रोकथाम नहीं की गई।
Ankur Construction corruption: कार्यवाही का इंतजार
ग्रेवल सडक़ जैसे विकास कार्यों में यदि खनन नियमों और पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं किया गया, तो इसका सीधा नुकसान किसानों, राजस्व और वन भूमि को होता है। अब देखना यह है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करते हैं।
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