Betul Today News: किसानों को निर्धारित दरों पर ही मिले खाद, कली खाद, कीटनाशक का विक्रय न हो, जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
Betul Today News: Fertilizers, bud manure, pesticides should not be sold to the farmers at fixed rates, negligence in the works of Jal Jeevan Mission will not be tolerated
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना की सडक़ों का नियमित संधारण हो: सांसद श्री डीडी उईके
Betul Today News: (बैतूल)। सांसद श्री डीडी उईके की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि खरीफ मौसम में किसानों को खाद की दिक्कत न हो, निर्धारित दरों पर ही बाजारों में खाद, बीज एवं कीटनाशक मिले। कृषि विभाग इस व्यवस्था पर नजर बनाकर रखे, ताकि किसानों को असुविधा न हो। नकली खाद, बीज एवं कीटनाशक का विक्रय न हो।
खाद, बीज के साथ अन्य सामग्री लेने के लिए किसानों को बाध्य न किया जाए। बैठक में आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पवार, कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिलाष मिश्रा सहित समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पवार ने इस बात पर जोर दिया कि कृषकों को अधिक दरों पर खाद न मिले, जो दरें शासन से निर्धारित है उन पर ही खाद विक्रय किया जाए। उन्होंने इस बात की भी मांग रखी कि डिफाल्टर कृषकों को सोसायटी के माध्यम से नगद में खाद दिया जाए। श्री पवार ने कहा कि यूरिया लेने जाने पर प्राईवेट डीलर्स द्वारा खाद के साथ अन्य वैकल्पिक चीजें भी किसानों को दी जाती है, इसके लिए कृषि विभाग सख्ती से नियंत्रण करें।
बैठक में कलेक्टर श्री बैंस द्वारा बताया गया कि जिले में आयोजित किए गए प्लांट क्लीनिक के माध्यम से यह तथ्य सामने आया है कि यूरिया का अधिक उपयोग होने से जमीन में नाईट्रोजन की मात्रा ज्यादा बढ़ रही है। साथ ही पोटाश की कमी आ रही है। किसानों से अपेक्षा है कि जमीन में पोटाश का इस्तेमाल करें, ताकि जमीन की सेहत बेहतर बनी रहे। बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की चर्चा के दौरान कलेक्टर श्री बैंस ने निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती से लाभ ले रहे किसानों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इसके फायदों को जन-जन तक पहुंचा सके। बैठक में जिले के विकासखंडों में बनाई गई मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में स्टाफ न होने के मामले को भी गंभीरता से लिया गया।
इस दौरान सांसद श्री डीडी उईके ने इस संबंध में प्रयोगशालाओं का संचालन प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के उपसंचालक कृषि को निर्देश दिए। अमानक खाद एवं बीज विक्रेताओं पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए सांसद श्री उईके ने कहा कि विभाग को इस संंबंध में काफी सजग रहना चाहिए। इस दौरान उप संचालक कृषि ने बताया कि विगत दिनों 9 अमानक बीज विक्रेताओं के लाईसेंस निरस्त कर विक्रय प्रतिबंधित किया गया है। इसी तरह 4 अमानक उर्वरक विक्रय के मामलों में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक मामले में पुलिस में प्रकरण भी दर्ज कराया गया है। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि अमानक खाद, बीज एवं उर्वरक के विक्रय के मामलों में किसानों को सचेत किया जाए कि वे अमानक सामग्री खरीदने से फसलों में हुए नुकसान को लेकर उपभोक्ता फोरम में जाएं, जहां उनके हुए नुकसान की भरपाई हो सकेगी।
विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने कहा कि प्रतिबंधित किए जाने वाले अमानक बीज, खाद अथवा अन्य सामग्री का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि किसान इनके बारे में सजग हो सकें। इस दौरान उपसंचालक कृषि ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत वर्ष 2020-21 में एक लाख 33 हजार 36 किसानों को 303 करोड़ 30 लाख 47 हजार 961 रूपए की बीमा क्लेम राशि उपलब्ध कराई गई। इसी तरह वर्ष 2021-22 में 97 हजार 820 कृषकों को 82 करोड़ 96 लाख 40 हजार 495 रूपए की बीमा क्लेम राशि प्रदान की गई।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान सांसद श्री उईके ने ग्रामीण क्षेत्रों में नलजल योजनाओं के हुए कार्य पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि अधिकतर ग्रामों से कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं होने की शिकायतें आ रही है। इस लोकहितकारी योजना का ग्रामीणोंं को लाभ पहुंचे यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पीने के पानी में कोई भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए। नलजल योजनाओं के निर्माण में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई हो।
सांसद श्री उईके ने कहा कि नलजल योजनाओं के लोकार्पण में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए। उनकी सहमति उपरांत ही कार्यक्रम आयोजित हो। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों को नलजल योजनाएं हैंडओवर हो गई है वे उनके संधारण पर विशेष ध्यान दे। कहीं भी सामग्री की चोरी या तोड़-फोड़ की स्थिति न बने, यदि ऐसा होता है तो दोषियों के विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज करवाया जाए। उन्होंने कहा कि नलजल योजनाएं महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से संचालित की जाएं एवं जल कर की नियमित वसूली पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नलजल योजनाओं की जनपद स्तर पर आयोजित हो रही बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आवश्यक रूप से बुलाया जाए। जहां जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं हो सके हों वहां पुन: बैठकें आयोजित की जाएं। बैठक में समूह नलजल योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी दी गई।
बैठक में सांसद श्री उईके ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना की समीक्षा के दौरान सडक़ों के संधारण में कोताही न करने के निर्देश दिए गए। विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि जो ठेकेदार संधारण में लापरवाही कर रहे है उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में आगामी अक्टूबर माह तक कार्रवाई संबंधी जानकारी देने के भी निर्देश दिए गए।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली की भी समीक्षा की गई तथा उचित मूल्य की दुकानों से राशन वितरण व्यवस्था के सुचारू संचलन की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण एवं शहरी आवास योजना की प्रगति की भी सदस्यों ने समीक्षा की।



