कन्या शाला में हुआ जिले के कलाकार से मिलिए कार्यक्रम का आयोजन
बाल सभा एक बेहतरीन पहल बच्चो के विकास की अनूठी पहल
बैतूल:- शा.कन्या उ.मा. विद्यालय बैतूल गंज बैतूल में 22 जुलाई शनिवार को प्राचार्य इंदू बचले के मार्गदर्शन में बाल सभा का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं में प्रदर्शन कला के माध्यम से संगीत, नृत्य और लोककला से परिचय करना था। इस अवसर पर मुझे शाला में आमंत्रित किया गया। बैतूल जिले कि लोककला जिसमें लोकनृत्य ठाठीया, थापटी, धाधल, सार नृत्य, डडार, तथा भित्ती चित्र गांदोनी जो कि मिट्टी के रंगों से बनाये जाते हैं के बारे में छात्राओं को बताया।
प्रदर्शन कला सम्मान के साथ आर्थिक और सामाजिक लाभ प्रदान करती है। इसके लिये हमें उस कला में दक्ष होना होगा और दक्षता के लिये हमें निरन्तर अभ्यास करना चाहिए, इसे हमें रूचिकर बनाना होगा, कला विकास के राह बताती हैं। उन्होंने छात्राओं को सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे भी बताया। इस अवसर पर उ.मा.शिक्षक अशोक इवने ने कहा कि कला जीवन का पूर्णता से जीने में सहायक होती हैं। उन्होंने कहा कि एक बालक जिसमें जीवन के प्रति गहरी जिज्ञासा है जिसकी कल्पनाएं सजीव हैं जिसकी ज्ञानेन्द्रियां स्पष्ट जानकारी देती हैं और जो प्रयोग तथा अन्वेषण करने में घबराता नहीं है,यह बालक जीवन जीने और आत्म प्रकाशन करने में सक्षम हैं,और यह अवसर उसे कला प्रदान करती हैं।
प्रत्येक शनिवार विद्यालय में बाल सभा का आयोजन
बाल सभा प्रभारी महेश गुंजेले ने बताया कि शनिवार को सदन वार देशभक्ति आधारित समूह गान तथा जिले के कलाकार से मिलिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रत्येक शनिवार विद्यालय में बाल सभा का आयोजन किया जाता हैं जिसमें प्रथम शनिवार निबंध लेखन, द्वितीय शनिवार आशु भाषण, तृतीय शनिवार प्रश्नोत्तरी, चतुर्थ शनिवार प्रदर्शन कला, माह जुलाई में सबल भारत की थीम पर प्रथम तीन कालखण्डों में बाल सभा का आयोजन किया गया। इसे और प्रभावशाली बनाने के लिये जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले कलाकारों को समय-समय पर छात्राओं के बीच बुलाया जाता हैं जिससे छात्राओं को उनके अनुभवों का लाभ मिल सके। इस अवसर पर शिक्षक बी.आर.कंगाले, सी.एल.नर्रे, अर्चना शुक्ला आदि शिक्षक एवं छात्राएं उपस्थित थीं।



