Betul News : ओम आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज का शतप्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम, बीएएमएस की परीक्षा में प्रदेश स्तर पर मिली सफलता, संस्थान के शिक्षण स्तर की प्रदेश में फैली ख्याति
Betul News: 100% result of Om Ayurveda Medical College, success in BAMS examination at the state level, reputation of the institute's education level spread in the state
Betul News : (बैतूल)। भारत-भारती, जामठी में स्थित जिले में स्थित ओम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल ने विश्वविद्यालय के तृतीय वर्ष बी.ए.एम.एस. की परीक्षा में पूरे प्रदेश में 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने में सफलता प्राप्त की है। इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्रबंधक सोनू पाल तथा प्राचार्य डॉ. विरेन्द्र के.शाह ने सभी उत्तीर्ण छात्रों एवं शिक्षकों का अभिनंदन किया है।
उल्लेखनीय है कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान और उसका आकलन वहां के शैक्षणिक स्तर से होता है। बैतूल जैसे पिछड़े जिले में स्थित ओम आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज ने लगातार श्रेष्ठ परिणाम देकर यह साबित कर दिया है कि शिक्षण संस्थान भौगोलिक परिस्थिति में नहीं बल्कि शैक्षणिक कौशल के बलबूते अपनी अलग पहचान बनाता है। ओम आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज ने अपने इसी उद्देश्य और शैक्षणिक स्तर को बरकरार रखते हुए पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है।
एनसीआईएसएम से मान्यता प्राप्त है संस्थान
जिले में स्थित ओम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल भारत-भारती, जामठी, बैतूल (म.प्र.) मध्य प्रदेश मेडिकल साईंस यूनिवर्सिटी से संबंधित एवं एनसीआईएसएम से मान्यता प्राप्त संस्थान है। इस संस्थान ने विश्वविद्यालय की तृतीय वर्ष बी.ए.एम.एस. की परीक्षा में पूरे प्रदेश में 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिया है। ज्ञात हो कि इसी संस्थान के प्रथम वर्ष बी.ए.एम.एस. का परीक्षा परिणाम भी पूर्व में शत प्रतिशत रहा था। लगातार शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम देना इस संस्थान के शिक्षण स्तर को दर्शाता हैं।
अनुशासन एवं शैक्षणिक स्तर को प्राथमिकता
प्रबंधक सोनू पाल ने परीक्षा परिणाम का श्रेय यहां की प्रबंधक समिति के साथ ही छात्रों के अथक प्रयास को दिया है। उन्होंने बताया कि बैतूल जैसे पिछड़े जिले में स्थित होने के बावजूद इतना श्रेष्ठ परिणाम देने के कारण यह संस्थान पूरे प्रदेश में अपना अलग स्थान रखने लगा है, जिसके कारण दूसरे प्रदेशों के छात्रों के लिए भी यह संस्थान पहली पसंद बन चुका है। संस्थान प्रबंधन समिति द्वारा अनुशासन एवं शिक्षा स्तर को प्राथमिकता देना इस परीक्षा परिणाम का प्रमुख कारण बनता है।



