Betul News : जो शब्दों, विचारों एवं विषयवस्तु से अच्छी तरह बंधा है वही निबंध है : गौरी पदम
Betul News : Essay which is well bound with words, ideas and subject matter : Gauri Padam
महिला पत्रकार ने बालसभा में बालिकाओं को दिए निबंध लेखन के टिप्स
Betul News : (बैतूल)। शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला गंज में शनिवार सुबह आयोजित बालसभा में कक्षा 9वीं की बालिकाओं के बीच पहुंची महिला पत्रकार एवं बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
40 मिनट के कालखंड में उन्होंने शाला द्वारा अपेक्षित विषय निबंध लेखन के साथ बालिकाओं की विभिन्न समस्याओं, अध्ययन में अरुचि, मोबाईल-टीवी सहित अन्य समसामयिक विषयों पर बालिकाओं से बातें की। इस दौरान कक्षा शिक्षक बीआर कंगाले, अशोक इवने एवं बालसभा एवं आनंद सभा के प्रभारी महेश गुंजेले प्रमुख रुप से मौजूद थे। श्री गुंंजेले ने छात्राओं से मुख्य वक्ता गौरी पदम का परिचय जिले की महिला पत्रकार, भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा नेशनल यूथ अवार्ड से सम्मानित, राष्ट्र रक्षा मिशन, ऑटो एम्बुलेंस योजना एवं सशक्त सुरक्षा बैंक की संचालक के रुप में कराया।
प्रत्येक शनिवार अलग-अलग विषयों पर होती है बाल सभा
कन्या शाला में प्रत्येक शनिवार को तीन कालखंड में आनंद सभा एवं बालसभा का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत माह के पहले शनिवार को निबंध लेखन, दूसरे शनिवार भाषण, तीसरे शनिवार को प्रश्नोत्तरी एवं चौथे शनिवार को प्रदर्शन कला विषयों पर विषय के जानकारों के माध्यम से छात्राओं को अवगत कराया जाता है। इसी कड़ी में आज श्रीमती पदम को भी स्कूल में आमंत्रित किया गया था। निबंध लेखन की बारीकियां बताते हुए श्रीमती पदम ने छात्राओं को बताया कि किसी भी विषय पर चर्चा उसके शाब्दिक अर्थ और विषय के विस्तार पर निर्भर करती है।
उन्होंने निबंध की परिभाषा बताते हुए कहा कि जो अच्छी तरह बंधा है, शब्दों से, विचार और भाव से, विषय वस्तु, तर्क और विवरण से वही निबंध है। उन्होंने कहा कि अमूमन 90 प्रतिशत विद्यार्थी पहली बार हिन्दी में गाय, अंग्रेजी में द काऊ और संस्कृत में धेनु का ही निबंध लिखते है। कक्षाओं के साथ-साथ निबंध का विषय और स्वरूप भी बदलता है।
निबंध लेखन के मुख्य तीन बिंदुओं में प्रस्तावना, विषय का प्रस्तुतिकरण एवं अंत में उपसंहार पर विस्तार से बताया गया। उन्होंने बताया कि निबंध लेखन को परीक्षा में 5 से 10 नंबर के लिए लिखने को ही पर्याय न बनाये। लिखने और पढऩे की आदत हमेशा ज्ञानवर्धन के साथ-साथ हमें अपडेट रखने में सहायक होती है। इस दौरान उन्होंने विषयात्मक, रोचक, तार्किक, विवरणात्मक, मनोरंजन, पत्रकारिता सहित अन्य विषयों पर लेखन के टिप्स भी छात्राओं को दिए।
एक सिक्रेट फ्रेंड जरुरी जिसे हर बात कह सकें
वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए गौरी पदम ने छात्राओं से सोशल मीडिया का उपयोग करने से पहले सावधानी रखने, फेसबुक एवं अन्य सोशल प्लेटफार्म पर फर्जी नाम से आईडी न बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि परिवार को पता न चले इसलिए बच्चे फर्जी नाम से आईडी बनाते है। इसके अलावा स्कूल आते-जाते यदि कोई परेशान करता है, फब्तियां कसता है तो इसके लिए स्कूल के टीचर्स एवं परिवार को जानकारी दे।
स्कूल में लगी शिकायत पेटी का उपयोग सालों नहीं होता, स्कूल में यदि कोई अव्यवस्था है, इसके अलावा छात्रा को कोई परेशान कर रहा है तो शिकायत पेटी में शिकायत जरुर डाल दें। उन्होंने कहा कि कोई भी सीके्रट न रखे, यदि कहीं उलझ जाते है तो उस समस्या को छुपाने की बजाय अपने बड़ो से विमर्श करें। आपका एक गलत कदम पूरे जीवन पर असर डालता है। इस दौरान मासिक धर्म की कुरीतियों, बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं कुरीतियों को लेकर भी उन्होंने छात्राओं से चर्चा की। श्रीमती पदम ने शाला में बाल सभा एवं आनंद सभा के आयोजन के दौरान अपने स्कूली जीवन के भी कई किस्से छात्राओं को बताएं।



