बैतूल

Betul Politics News : भिया, आप फिर “हवा” में हो. !!*

Betul Politisc News : Brother, you are in the air again. ,

महाबली” से मुकाबला, ज़मीनी तैयारियों का वही ढर्रा पुराना_

विपक्ष के नेता को फॉलो करना यानि एक कदम पीछे हो आप अभी भी

_आप पहले भैया बनाये गए। अब विकास पुरुष मुक़र्रर कर दिए गए हैं। तीरथ, व्रत, धरम, करम का शोर तो पहले भी मचा था? कोरोना काम की गूंज भी खूब हुई। भोली सूरत, भोला स्वभाव भी पहले से “स्टेबलिश” हैं। तो इस बार नया क्या है? ये सब तमगे तो “विगत विधानसभा ” के समय भी आपके बदन पर टांगे गए थे, “बेटे ” से मुकाबले का परिणाम क्या रहा? इस बार “बेटा ” फिर पूरी ताकत से आया है। इनसे मुकाबला इन्ही पुराने ढर्रों से होगा? प्रत्यके बूथ तक मोर्चा बांधे बैठी महाबली की चतुरंगी सेना का सामना कैसे, कब औऱ कौन करेगा? आपके रणनीतिकारों ने फिर से आपको हवा में टांग दिया है। हवा से जितनी जल्दी नीचे आ जाएंगे, उतनी जल्दी चुनावी रण में ऊपर पहुँच जाएंगे।_

 _भिया, आप फिर हवा में हो। ठीक वैसे ही, जैसे पांच साल पहले थे। विधानसभा चुनाव के वक्त। तब भी सब तरफ आप ही थे। आपके ही चर्चे थे। गली मोहल्लों, बस्ती कालोनियों, चोक-चोबारो से लेकर बाजारों तक आप ही जीत रहे थे। आपके नाम, काम का खूब बखान भी हुआ।*_

_ज़मीन पर काम कर रही महाबली की “चतुरंगी सेना”, आपके नीति-निर्धारकों ने आपको फिर हवा में टांग दिया_

_*पांच साल पहले अनजान चेहरे से आपका सामना था और आप न केवल आपकी विधानसभा, बल्कि समूचे पांचो विधानसभा के “नामी-गिरामी” थे। आपके साथ वालो ने तो आपको मप्र सरकार का मुखिया यानी मंत्री मान ही लिया था। “जँचतबाजो” ने ऐसा “जँचाया” था कि बस ” अब दिल्ली दूर नही”। पर हुआ क्या? बैतूल शहर तो दूर, हम मुलताई से लेकर भैसदेही -घोड़ाडोंगरी में ही स्वीकार नही किये गए। आपके ही इलाके की भाजपा ने, बगेर किसी चेहरे के, आपको 22 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे कर दिया। इस बार तो इलाके की कांग्रेस के पास चेहरा भी हैं। और वो भी “महाबली” का। तो सोचिए फिर क्या होगा?

_पिछले चुनाव में भी आप ही गली मोहल्लों, चोक-चौबारों से बाजारों तक चर्चा के केंद्र में थे, रिज़ल्ट क्या रहा?_

भिया पूर्व में भी आप उस समय भी आप इसी क्षेत्र के विधायक थे और इलाके के “भैया ” भी। तब भी आप विकास कर रहे थे।इसी के बलबूते आपके रणनीतिकार चुनाव की वैतरणी पार कर रहे थे। लेकिन परिणाम 22 हजार से ऊपर की हार का सामने आया। आपके लिए भी ये एक झटके के समान था और आपके समर्थकों के लिए एक सदमे जैसा। क्योकि सब तरफ तो आप ही जीत रहे थे। “बेटे” का तो कोई नामलेवा भी नही था।*_

_भोली सूरत, भला स्वभाव आपका वोटर्स को भा तो रहा हैं, वोटिंग वाले दिन वोट कौन डलवायेगा?_

_भिया, माफिया की उस चुनाव में छुट्टी नही हुई, तो फिर से इस चुनाव में इस एफडी के टूटने की उम्मीदें क्यो? कोरोना काल की भूमिका कोई पहली बार तो आपका खेमा बखान नही रहा?आपकी टीम को हर प्रकार से मदद देने के बाद फिर भी आपके साथ वोटिंग मशीन में खड़ी नजर नही आई। वो ही “60 फ़ीट रोड” है, वो ही कोठी बाजार टिकारी गंज सदर और वो ही तौर तरीके और उम्मीदें है आपकी इन इलाकों से।_

सोशल मीडिया, मोबाईल पर माहौल बनाने से नही हो पायेगा “महाबली” से मुक़ाबला, न बयानों के तीर करेंगे काम_

_*भिया, सोशल मीडिया, मोबाइल की दुनिया मे माहौल बनाने से महाबली से मुक़ाबला नही हो पायेगा। न गली गली हाथ पैर जोड़ लेने से नैय्या पार लगने वाली। आपकी भोली सूरत, भोला स्वभाव और निश्छलता सबको भा तो रही है लेकिन क्या ये ही काफ़ी है, इस बेहद अहम मुक़ाबले में? क्या सिर्फ बयानबाज़ी के तीर, तलवारें “महाबली” की मजबूत जमावट से पार पा जाएंगे? बयान, आरोप प्रत्यारोप भी बस ऐसे खानापूर्ति के कि बस आज का दिन निकल जाए, कल फिर कुछ नया..!! इतने मात्र से महाबली की सेहत पर कुछ असर होगा? इन बयानों से 60 फ़ीट रोड़ पर कुछ असर या आठनेर बडोरा बैतूल बाजार आदि में फर्क पड़ेगा?*_

अब तो पूरा परिवार उतर गया है रण में!

_*भिया, आपके सामने पूरी चतुरंगी सेना हैं। इसमे कांग्रेस से लेकर कंपनी तक हैं। निजी टीम से लेकर परिवार है। “स्वामीभक्तो” कि संख्या भी बेशुमार है जो बस अपने “बॉस” के लिए मैदान में डटे हुए हैं, जैसे घर मे ब्याह “मन्डा” हैं। ये सेना सुबह से लेकर आधी रात तक हर मोर्चे पर काम कर रही हैं। इसमे पोलिंग बूथ से लेकर पक्ष में पोलिंग के रणनीतिक

पैर पैतरे भी हैं। “महाबली”, महाबली होते हुए भी समूची विधानसभा को अब तक कई बार ” आटे जैसी गूंध” चुके हैं। रत्तीभर ढील नही दी उन्होंने। भरपूर मेहनत।

 

_भिया, उधर सम्मेलनों के जरिये सामाजिक ताने बाने साधे जा रहे थे । प्रबुद्ध नागरिकों के सम्मेलन हुए है । आप विकास की बात कर रहे है, उधर बैतूल शहर को मप्र में “नम्बर एक” करने का विजन डॉक्यूमेंट पेश हो रहे हैं। आपके बड़े नेता जब आएंगे तब आएंगे, उधर प्रदेश के और जिले के एक्सपर्ट तक आ चुके हैं। आपके रणनीतिकार मोदी को बुला रहे हैं। उधर के खिलाडी खेल की तैयारी में है।_

 

_भिया, सच है..मगर कड़वा है यथार्थ योद्धा तो यथार्थ ही बताएगा । सच, साहस के साथ, सलीके के साथ। ये कटु सत्य हैं। ये ही जमीनी हक़ीक़त भी। वक्त रहते इस कड़वे सच को गुटकना होगा। निःसन्देह आपके चाहने वाले भी बेशुमार हैं। खूब पसीना भी बहा रहे हैं। बहुत उम्मीद से भी है। आपका जज्बा, जुनून और ज़िद भी सब देख रहे हैं। कड़े मुकाबले के बावजूद भाषायी शालीनता और ” चन्द्रमौली ” के व्यवहारगत शालीन संस्कार भी सब देख रहे हैं। परिवार भी जुटा हुआ हैं। भतीजा वरद तो व्यवहार में हूबहू आपकी प्रतिकृति ही है। अब “बाऊजी” तो नही हैं। लेकिन उनका शुभाशीष है, उनकी पुण्याई है आपके साथ। और हमारी शुभकामनाएं भी।_

Sagar Karkare

My Name is Sagar Karkare. I am the Editor of This Web Site,

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