Bhagwat Katha : कलश यात्रा के साथ भागवत कथा हुई प्रारंभ
Bhagwat Katha: Bhagwat Katha started with Kalash Yatra.
कथा की छत्र-छाया जीवन की तपीश को कम करती है

Bhagwat Katha : (बैतूल)। कर्मा मंदिर कालापाठा में कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। जिससे पूर्व भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कथा का वाचन कर रहे पंडित सुखदेव शर्मा ने कथा के पहले दिवस कथा का महात्म्य बताया।
पंडित शर्माने कहा कि चलते-चलते हम थक कर पसीना-पसीना हो जाए अचानक किसी वृक्ष की छाया मिल जाए तो बड़ा चैन मिलता है। उसी प्रकार जीवन में बड़ी-बड़ी उलझने में हम झूलते जाए और अचानक कथा की छत्र-छाया मिल जाए तो मन को बड़ी बड़ी शक्ति मिलती है। भगवान गोविंद सारथी है उनके रथ में अर्जुन थे रथ कहीं नहीं फंसा।
उन्होने कहा कि भागवत में ज्ञानयोग,कर्मयोग,समाजधर्म,स्त्



