Betul News : 6 कर्मचारी संगठनों ने 17 सूत्रीय मांगों के समर्थन में दिया धरना, मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय कर्मचारी संगठन के नेतृत्व में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे कर्मचारी
Betul News: 6 employee organizations staged a sit-in in support of 17-point demands, employees reached the Collectorate by taking out a rally under the leadership of Madhya Pradesh Clerical Employees Organization
समयमान, वेतनमान सहित अन्य मांगों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
Betul News : (बैतूल)। मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के नेतृत्व में शुक्रवार 28 जुलाई को 6 कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच ने कर्मचारी भवन में अपनी 17 सूत्रीय लंबित मांगो को शीघ्र पूरा कराने की मांग को लेकर कर्मचारी भवन में धरना दिया। मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय, शासकीय कर्मचारी संघ के उपप्रान्तध्यक्ष कमलेश चौहान ने बताया कि मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के बैनर तले संगठनों के कर्मचारी धरने के बाद रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए अपनी 17 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव मध्य प्रदेश भोपाल के नाम डिप्टी कलेक्टर शैलेन्द्र बड़ोनिया को सौंपा।
श्री चौहान ने बताया रैली एवं धरना प्रदर्शन में राजस्व विभाग, वनविभाग, महिला बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग, सहायक आयुक्त विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, पी.एच.ई. विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य कई विभागों के लिपिकिय कर्मचारी शामिल हुए।
ज्ञापन सौंपते समय प्रमुख रूप से लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश उपप्रान्तध्यक्ष कमलेश चौहान, जिला अध्यक्ष शंकर सिंह चौहान, तृतीय वर्ग एवं राजस्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष मनीष उदासी, वाहन चालक संघ के अध्यक्ष रमेश यादव, पेंशनर एसोसेसिएन के जिला अध्यक्ष रामचरण साहू उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में महिला एवं पुरूष कर्मचारी ललिता खासदेव, सुशीला कुमरे, गीता उईके, नवनीता प्रधान, सुभद्रा मिश्रा, आरआर भारती, अशोक काले, महेश जैन, हेमराज झाडे, श्यामू धुर्वे, पवनसिंह बिसेन, रामभरोस मोहबे, रामा गार्वे, राधे लाल पंवार, सुनील पाटील, मनीष उईके, रविन्द्र यादव, चन्द्रशेखर सूर्यवंशी, गणेश प्रसाद पंवार, परसराम मर्सकोले, कमलाकर देशमुख, बी.एम. सोनी, शिवचरण हजारे, यश वर्मा, ओ.पी. बारंगे, एस.आर. महस्की, बी.आर. फोटफोडे, पी.आर. धाडसे, राजू सोनारे, आर.के. कुम्भारे, कैलाश यादव आदि बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारी संगठनों की यह है मांगे
मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय, शासकीय कर्मचारी संघ के उपप्रान्तध्यक्ष कमलेश चौहान ने बताया कर्मचारी संगठनों की 17 सूत्री मांगों में विभागाध्यक्ष एवं उसके अधीनस्थ कार्यरत लिपिकों को भी मंत्रालय के समान द्वितीय समयमान वेतनमान का लाभ दिनांक 01.4.2006 से दिया जाये। भ्रत्य का पदनाम परिवर्तित किया जाकर कार्यालय सहायक किया जाये। अनुकम्पा नियुक्ति सहायक को निर्धारित समयावधि में सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाने के कारण सेवा समाप्त नहीं की जाये तथा जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई है उन्हें पुनः सेवा में लिया जाये।
टैक्सी प्रथा बंद की जाये तथा विभागों में वाहन चालकों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ जाकर समाप्त किये गये पदों को पुर्नजीवित किया जाये। दिनांक 01.01.2005 के पश्चात् नियुक्त कर्मचारियों को नई पेंशन प्रणाली को बंद किया जाकर पुरानी पेंशन बहाल की जाये।
वर्ष 2016 से बंद तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नतियों पात्रता दिनांक से दी जाये। सहायक ग्रेड 03 एवं कम्प्यूटर आपरेटर की योग्यता एवं कार्य एक समान होने के कारण सहायक ग्रेड 03 को कम्प्यूटर आपरेटर के समान ग्रेड-पे 2400 दिया जाये। सहायक शिक्षक / शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान के स्थान पर समयमान वेतनमान व पदोन्नति पदनाम दिया जाए तथा शिक्षकों को केन्द्र के अनुरूप छठवें एवं सातवें केन्द्रीय वेतनमान का नाम दिया जाए।
सीधी भर्ती के पदों पर दिये जा रहे स्टायफंड 70, 80 एवं 90 प्रतिशत के स्थान पर नियुक्ति दिनांक से संबंधित पद का वेतनमान दिया जाए। विभिन्न संवर्ग के अधिकारी एवं कर्मचारियों यथा लिपिक, कार्यपालिक एवं तकनीकी कृषि विस्तार अधिकारी, कलाकार, महिला बाल विकास सुपरवाईजर, पॉलिटेक्निक एवं उच्च शिक्षा के प्रयोगशाला तकनीशियन, प्रयोगशाला परिचारक, वन रक्षक वन पाल संवर्ग सहित अन्य विभागों के संवर्ग में व्याप्त वेतनमान की विसंगतियों को दूर किया जाए, माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के परिपालन दिनांक 30 जून को सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। राज्य पुर्नगठन की धारा 49 (6) का बंधन पेंशनरों के लिये समाप्त करते हुये 71 प्रदेश के पेंशनरों को भी देयक तिथ में पेंशन प्रदान की जाए।
अर्हतादाई पेंशन की पात्रता 33 वर्ष के स्थान पर केन्द्र एवं अन्य राज्यों के समान 25 वर्ष की जाए। हैण्डपंप तकनीशियन की वेतन विसंगति दूर कर पांचवे वेतनमान अनुसार 4000-6000 किया जाए, नियुक्ति दिनांक से प्रभावशील वेतनमान 1150-1800 मान्य किया जाकर पुर्ननियमन की कार्यवाही को समाप्त किया जाए तथा अवकाश नगदीकरण की सुविधा प्रदान की जाए। कार्यभारित कर्मचारियों को नियमित सेवा घोषित किया जाए। कार्यभारित कर्मचारियों के सेवा निवृत्त के उपरांत नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश नगदीकरण का लाभ दिया जाए।



