Betul News: पेंशनरों की अनदेखी आने वाले चुनाव में सरकार को पड़ेगी भारी: रामचरण साहू
Betul News: Ignoring pensioners will cost the government heavily in the coming elections: Ramcharan Sahu
पेंशनरों ने कहा केंद्र के समान महंगाई राहत दे सरकार, 5 लाख 50 हजार पेंशनर सत्ता परिवर्तन की रखते हैं ताकत

Betul News: (बैतूल)। जिला पेंशनर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 की उप धारा 6 को अविलंब विलोपित कर प्रदेश के 5 लाख 50 हजार से अधिक पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई राहत देने की मांग की है।
पेंशनर एसोसिएशन बैतूल जिला इकाई के अध्यक्ष रामचरण साहू ने बताया कि विगत 3 वर्षों से प्रांतीय स्तर पर पेंशनरों द्वारा जिला, तहसील, ब्लाक स्तर पर सामूहिक रूप से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन रैली आयोजित कर अपने-अपने जिला स्तर पर कलेक्टर से माध्यम से मुख्यमंत्री ज्ञापन को भेजा गया। इसके अलावा प्रदेश के समस्त जिलों, तहसील, ब्लाक स्तरों पर भी प्रदेश के जनप्रतिनिधियों को भी मुख्य मांगों के समर्थन में ज्ञापन दिया गया, लेकिन आज भी प्रदेश के पेंशनरों को ना तो समय पर महंगाई राहत मिली ना ही धारा 49 की उप धारा 6 को निरस्त करने की कार्यवाही की गई। किसी भी पार्टी ने प्रदेश के पेंशनरों की मांगों का मुद्दा विधानसभा में जोर शोर से नहीं उठाया।
सरकार को पेंशनरों की परवाह नहीं
पेंशनर एसोसिएशन जिला अध्यक्ष रामचरण साहू ने आरोप लगाया कि हर पार्टी के जनप्रतिनिधि ज्ञापन तो ले लेते हैं, आश्वासन भी देते हैं लेकिन बाद में पेंशनरों की समस्याओं को भूल जाते हैं। प्रदेश के हर पार्टियों का फोकस सिर्फ मतदाताओं को साधने में है। चुनाव के समय सभी पार्टियां अपना अपना चुनावी एजेंडा सेट करने में लगे रहते हैं। प्रदेश सरकार ने हमेशा पेंशनरों की अनदेखी की है। पेंशनरों को समय-समय पर महंगाई राहत नहीं दी और ना ही मुख्य मांगों का निराकरण किया गया।
प्रदेश सरकार के प्रति पेंशनर आक्रोशित है, प्रदेश सरकार को पेंशनरों की मुख्य मांगों की अनदेखी करना आगामी आने वाले चुनाव में देखने को मिलेगा। पेंशनरों का प्रभाव हर शहरों में है। उन्होंने बताया पेंशनरों का अपने अपने क्षेत्रों में जनता से अच्छा तालमेल है। चाहे ग्रामीण क्षेत्र हो चाहे शहरी क्षेत्र हर पार्टी के कार्यकर्ताओं के भी पेंशनरों से कहीं ना कहीं रिश्ता जुड़ा है। पेंशनर चुनाव के समय महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। वरिष्ठ एवं प्रभावशाली पेंशनरों के उचित सलाह एवं सुझाव का असर जनता पर पड़ेगा।
सत्ता परिवर्तन की ताकत रखते हैं पेंशनर
साहू ने कहा प्रदेश के 5 लाख 50 हजार पेंशनर सत्ता परिवर्तन की ताकत रखते हैं। प्रदेश की उन्नति में पेंशनरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन वर्तमान में प्रदेश सरकार पेंशनरों की मुख्य मांगों को भूल गई है।
पेंशनरों को बार-बार प्रांतीय स्तर से लेकर जिला, तहसील, ब्लाक स्तर पर धरना प्रदर्शन कर संघर्ष करने पर मजबूर किया गया। समस्त पेंशनर से उन्होंने अपील की है कि उठो जागो अपने हक की लड़ाई के लिए संगठित हो जाए, जिला पेंशनर एसोसिएशन को मजबूत बनाएं। शासन एवं सत्ताधारी पार्टी के प्रतिनिधियों से उन्होंने आग्रह किया है कि पेंशनरों की मुख्य मांगों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पेंशनरों की मांगों का निराकरण कराने में सहयोग दें।
पेंशनरों की यह है प्रमुख मांग
पेंशनरों की मुख्य मांगों में धारा 49 की उप धारा को विलोपित करने हेतु कार्यवाही करें। पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई राहत दी जाए, पेंशनरों को छठवां वेतनमान एवं सातवें वेतनमान का एरियर का लाभ मिले, आदिम जनजाति विभाग के शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से पूर्ण वेतनमान, 30 जून को सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को एक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए आदि मांगे शामिल है।



