Betul Samachar : मध्यप्रदेश भू राजस्व सहिता की धारा 165 को यथावत रखने की मांग, जयस संगठन ने मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
Betul Samachar: Demand to keep section 165 of Madhya Pradesh Land Revenue Code unchanged, Jais organization submitted memorandum to the Collector in the name of Chief Secretary
Betul Samachar : (बैतूल)। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार 26 जुलाई को मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता की धारा 165 को यथावत रखने की मांग को लेकर जयस युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सोनू धुर्वे के नेतृत्व में मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जिला अभिभाषक संघ बैतूल द्वारा विगत 23 जून को मुख्य सचिव के नाम मध्यप्रदेश भू राजस्व सहिता की धारा 165 (6) में संशोधन करने ज्ञापन दिया गया है। जयस कार्यकर्ताओं का कहना है कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा आदेश दिनांक 12 जून 2023 अपील नंबर 436 वर्ष 2007 में आदेश पारित करते हुए बैतूल जिला को आदिवासी बाहुल्य जिला घोषित किया गया है, जिससे आदिवासियों की भूमि पर किसी गैर आदिवासी का दखल ना हो। लेकिन उक्त संहिता की धारा 165 (6) में संशोधन होने से आदिवासियों की भूमि पर गैर आदिवासियों का दखल निश्चित रुप से बना रहेगा।
भोले भाले आदिवासियों की जमीन पर अनाधिकृत रुप से गैर आदिवासी द्वारा जमीन हड़पने एवं आदिवासी को बेदखल करने की पूर्ण सम्भावना है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता की धारा 165 (6) के अनुसार जनजाति समुदाय के व्यक्तियों की संपत्तियों को उनके स्वयं के गृह निर्माण के लिए ऋण की स्थिति के लिए कलेक्टर की अनुज्ञा की आवश्यकता होती है, जिससे कि आदिवासी व्यक्तियों के साथ किसी प्रकार के ऋण के नाम पर धोखाधड़ी ना हो जाये, इसलिए यह अनुज्ञा आवश्यक रुप से आदिवासियों के हित के लिए जरुरी है। ज्ञापन सौंपने वालों में जयस संगठन के भूपेंद्र आठवेकर, रामकिशोर साल्वे, दिनेश जावरकर, मोहनलाल वर्टी, रमेश पांसे आदि कार्यकर्ता शामिल थे।



