Betul News: अन्याय अत्याचार के विरुद्ध सामाजिक संगठनों ने खोला मोर्चा, महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार आमला को सौंपा ज्ञापन
Betul News: Social organizations open front against injustice and atrocities, memorandum submitted to Tehsildar Amla in the name of His Excellency the President
Betul News: (बैतूल)। देश, प्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों पर हो रहे अन्याय अत्याचार के खिलाफ विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मोर्चा खोल लिया है। सोमवार को रमाबाई महिला कल्याण समिति आमला, दि बुद्धिस्ट सोसायटी आफ इंडिया आमला, युवा मैत्रेय समिति आमला, सुजाता महिला मंडल आमला सहित अन्य संगठनों ने एकजुट होकर आमला तहसील कार्यालय के सामने अन्याय अत्याचार और घृणित कृत्यों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम आमला तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर देश, प्रदेश में हो रही निंदनीय घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की।
संगठन के भीमराव निरापुरे ने कहा,आदिवासियों पर अत्याचार और अन्याय में भाजपा शासित मध्य प्रदेश देश में सबसे आगे है। आज सरकार के आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों पर अत्याचार और अन्याय में देश में सबसे आगे है। समिति के विनोद नागले, अमित हुरमाडे ने मणिपुर घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बीते दिनों मणिपुर में आदिवासी महिला कों निर्वस्त्र कर घुमाने की शर्मनाक घटना सामने आई है। मणिपुर की घटना ने पूरे देश को कलंकित कर दिया है। मणिपुर में महिलाओं के साथ जो घृणित कृत्य किया गया वह निंदनीय और पूरी तरह अमानवीय है।
मप्र की घटनाओं से पूरा देश शर्मसार हुआ
विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि मध्य प्रदेश में पेशाब कांड, इंदौर में अनुसूचित जाति जनजाति समाज के लोगो को बंधक बना कर पिटाई। शिवपुरी जिले में अजा युवक को कालिख पोती गई, वहीं रायसेन जिले में आदिवासी की गोली मार कर हत्या की गई। जिले के आमला विकास खंड में आदिवासी नाबालिक बेटी से दुराचार की घटना घटित हुई। पूरे मध्यप्रदेश के साथ आमला विकासखंड के दुराचार की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। संगठन का कहना है कि प्रदेश ही नही सम्पूर्ण देश में अनुसूचित जाति जनजाति एवं महिला वर्ग पर लगातार अन्याय अत्याचार हो रहे है। इन घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया तो विभिन्न संगठन मिलकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
दोषियों को फांसी दी जाए
इन संगठनों ने एक साथ आवाज बुलंद करते हुए कहा कि सरकारे शासन प्रशासन ऐसे दूसरों पर सख्ती नहीं बरत रही है इसलिए इन अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे है। रमाबाई महिला कल्याण समिति आमला, दि बुद्धिस्ट सोसायटी आफ इंडिया आमला, युवा मैत्रेय समिति आमला, सुजाता महिला मंडल आमला सहित अन्य संगठनों ने महिला अपराधों पर सख्ती तथा फास्ट ट्रेक कोर्ट मे सुनवाई कर अपराधियों को फांसी की सजा की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में सामाजिक संगठन की कांता हुरमाड़े, ज्योति नागले, मिता सूर्यवंशी, मालती पाटिल, वच्छला अतुलकर, शांता मालवे, सुनील नागले राधेश्याम खड़से, शिवपाल खातरकर, गणपति उबनारे, पदमिनी भुमरकर, पार्षद वार्ड नंबर 12 उपस्थित रहे।



