Betul Samachar : मुलताई के पूर्व विधायक चन्द्रशेखर देशमुख और वर्तमान विधायक सुखदेव पांसे के खिलाफ़ किसानों ने निकाली आक्रोश रैली
Betul Samachar: Farmers took out protest rally against former Multai MLA Chandrashekhar Deshmukh and current MLA Sukhdev Panse
35 गांव के किसान नहर के पानी से है वंचित, किसान आंदोलन में खासकर चंद्रशेखर देशमुख से नाराजगी जाहिर कर रहे किसान, जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे किसान
Betul Samachar : (बैतूल)। प्रभात पट्टन विकासखंड के हजारों किसानों ने मंगलवार को पूर्व विधायक चंद्रशेखर देशमुख और वर्तमान विधायक सुखदेव पांसे के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली। दरअसल, यह किसान क्षेत्र में नहर नहीं होने से आक्रोशित है। इन किसानों का कहना है कि दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने किसानों को सुनहरे सपने दिखाकर वोट लेने का काम किया है।विधायक बनने के बाद चंद्रशेखर देशमुख और सुखदेव पांसे ने अपना वादा नहीं निभाया।
नहर लाओ संघर्ष समिति के बैनर तले 35 गांव के हजारों किसान मंगलवार 1 अगस्त को आष्टा से मुलताई तक वाहन रैली निकालकर पहुंचे। मुलताई नगर में काली पट्टी बांध कर इन किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया।
ताप्ती मंदिर परिसर में शासन प्रशासन को सद्बुद्धि की कामना के लिए मां ताप्ती की आरती की गई। नगर के मुख्य मार्गो पर 35 गावों से आए किसानों ने अपनी मांग को लेकर उग्र आंदोलन का आव्हान किया। चंद्रशेखर देशमुख के खिलाफ छल करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
रैली निकालकर आंदोलन का किया आव्हान

विधानसभा चुनाव के पूर्व आक्रोशित किसान अब चन्द्रशेखर देशमुख और सुखदेव पांसे खुला विरोध कर रहे हैं। 35 गांव के किसानों ने मुलताई विधानसभा क्षेत्र में नहर लाओ संघर्ष समिति के बैनर तले रैली निकालकर चंद्रशेखर देशमुख का खुलकर विरोध किया।
सभी आंदोलनकारियों का एक ध्वनिमत में कहना हुआ कि जब केंद्र में भी बीजेपी की सरकार और राज्य में भी बीजेपी की सरकार थी, तब हमारे वर्तमान विधायक चंद्रशेखर देशमुख भी बीजेपी से ही चुनकर गए थे और उन्हें बहुमत के साथ विधायक बनाया गया था।
लेकिन उन्होंने मुलताई विधानसभा के भोले-भाले किसानों के साथ विश्वासघात किया है। जब राज्य शासन की परियोजना पारसडोह जलाशय की सौगात मुख्यमंत्री ने मुलताई विधानसभा को दी तब इन महोदय ने ही मुलताई विधानसभा से पानी लेकर पारसडोह जलाशय का पानी बैतूल विधानसभा को दे दिया और बचा हुआ पानी भी पेयजल के लिए बैतूल विधानसभा को दे दिया, इसलिए आने वाले विधानसभा में हम किसान पूर्व विधायक चंद्रशेखर देशमुख का खुलकर पुरजोर विरोध करेंगे। हम किसी राजनीतिक दल का विरोध नहीं करेंगे, लेकिन अबकी बार ऐसे विश्वासघाती लोग नहीं चलेंगे।
चुनाव में सबक सिखाने की अपील
गौरतलब है कि पारसडोह जलाशय से सिंचाई का लाभ क्षेत्र के किसानों को नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण 35 गांवों के हजारों किसानों द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए इन्हें चुनाव में सबक सिखाने की अपील की गई है।
मंगलवार को नहर लाओ संघर्ष समिति के किसानों द्वारा मुलताई नगर की गली गली में घूमकर लोगो को आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के पूर्व विधायक चन्द्रशेखर देशमुख, कांग्रेस के वर्तमान विधायक सुखदेव पांसे का विरोध करने की समझाईश दी। इन किसानों ने पूर्व में कई बार कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। किसानों ने आने वाले समय में विशाल आन्दोलन का आव्हान किया है। किसान 4 मांगो को लेकर आन्दोलन कर रहे है।
यह है किसानों की मांग
चंदोरा जलाशय की ओपन नहर को पाईप लाईन में तब्दील कर ग्राम आष्टा, बल्हेगाव, मिरापुर और रायआमला की असिंचित जमीन को सिंचित किया जाये, वर्धा जलाशय की फाइल को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान कर ग्राम पट्टन नरखेड़, पाबल, इशापुर चारुड़, झिरी तिवरखेड़, वण्डली के किसानों की जमीन को सिंचित किया जाए।
ग्राम सावगी पर अम्भोरा नदी पर नया डैम बनाकर ग्राम पंचायत सावंगी, खेडडीरामोशी, चिचखेडा, वण्डली, दतोरा, मासोद वाईगाव साईखेड़ा, सिरडी के किसानों की असिंचित जमीन को सिंचित किया जाए। गेहुबरसा के पास ग्राम मोरन्ड पर नया डैम बनाकर गेहुबरसा के आदिवासी क्षेत्र में किसानों की जमिन को सिंचित किया जाए।



