बैतूल

Betul News: सरस्वती विद्या मंदिर गाड़ाघाट में मनाया संस्कृति महोत्सव, शास्त्री गायन, मूर्ति कला सहित 19 प्रकार की प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन 

Betul News: Culture festival celebrated in Saraswati Vidya Mandir Gadaghat, 19 types of competitions including Shastri singing, sculpture art were organized.

Betul News:(बैतूल)। विद्या भारती मध्य भारत प्रांत के मार्गदर्शन में सरस्वती विद्या मंदिर गाड़ाघाट में संस्कृति महोत्सव मनाया गया। संस्कृति महोत्सव में चित्रकला, रंगोली, गीत गायन, प्रश्न मंच, मानस अंताक्षरी, तबला वादन, शास्त्रीय नृत्य, शास्त्री गायन, मूर्ति कला सहित 19 प्रकार की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बैतूल जिले के 9 विद्यालयों से लगभग 150 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरीश गडेकर राजस्व निरीक्षक एवं महर्षि अरविंद समिति शिक्षा समिति के कोषाध्यक्ष, प्रतियोगिता प्रभारी विनोद बोरसे प्राचार्य सरस्वती विद्या मंदिर भैंसदेही एवं संयोजक श्रीमती सुरेखा ठाकुर प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। निर्णायक के रूप में श्रीमती राधा सेन, संगीता घोडकी, श्रीमती गीता साहू, नीलम वागद्रे, वंदना कुंभारे, श्रीमती साक्षी शर्मा, श्रीमती सरिता राठौर, श्रीमती गौरी बालापुरे, श्रीमती हेमलता कुंभारे, श्रीमती बिंदु मालवी, श्रीमती मधुबाला देशमुख ,श्रीमती पदमा साहू, श्रीमती प्रतिभा श्रीमती वर्षा खाडे, श्रीमती सोनाली बगद्रे, नारायण मिश्रा, श्रीमती संगीता अवस्थी, बबलू भैया, रीतेश जैन, महेंद्र गुदवारे सहित कुल 38 निर्णायको ने प्रतियोगिता में अपना महत्वपूर्ण एवं निर्णायक योगदान दिया।

हार जीत मायने नहीं रखती सहभागिता करना ही महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि हरीश गडेकर ने बताया कि विद्या भारती के विद्यालय में भैया बहनों के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य किया जाता है, यह सभी भैया बहन जिला, विभाग, प्रांत स्तर से होते हुए अखिल भारतीय स्तर तक जाकर अपनी  प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। अपने विद्यालय एवं जिले का नाम रोशन करते हैं। विनोद बोरसे ने सभी भैया बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हार जीत मायने नहीं रखती सहभागिता करना ही महत्वपूर्ण है।

जिला संस्कृति प्रमुख विनोद दीक्षित ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिले की जो प्रतियोगिताएं हो रही है वही आगे चलकर आपके अखिल भारतीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं का आधार बनेंगे। सभी को नियमावली का एवं प्रतियोगिता के नियमों का अच्छे से अध्ययन करना चाहिए। सुरेखा दीदी ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं प्रदान की। कार्यक्रम में नरसिंह राव पंडाग्रे, राजेश मालवीय हेमराज कापसे, सुनील बारस्कर, श्रीमती चंद्रमणि नायडू, रजनी धोटे, रेखा साहू, नम्रता मालवी, उषा किरण वर्मा, प्रीति बाला कुंभारे, वर्षा वाघमारे, भावना मालवीय, ईथा काले, छाया राठौर का योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सीमा मिश्रा ने किया। आभार श्रीमती प्रीति बाथरी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में समस्त आचार्य परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कल्याण मंत्र के साथ महोत्सव का समापन किया गया।

Sagar Karkare

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