Betul Samachar : विश्व आदिवासी दिवस को लेकर दामजीपुरा के दूल्हादेव आश्रम में हुई बैठक, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली की समस्याएं सहित विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर की चर्चा
Betul Samachar: Meeting held in Damjipura's Dulhadev Ashram regarding World Tribal Day, discussed various burning issues including education, health, electricity problems
आदिवासियों पर अत्याचार एवं मणिपुर घटना को लेकर आक्रोश रैली निकालने पर बनी सहमति
Betul Samachar : (बैतूल)। समस्त आदिवासी समाज संगठन के बैनर तले दामजीपुरा के दूल्हा देव आश्रम में विश्व आदिवासी दिवस को लेकर बैठक हुई। बोरकुंड सरपंच हेरसूद धुर्वे की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। सरपंच हेरसूद धुर्वे ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर दूल्हा देव आश्रम से बड़ा देव एवं मुठवा देव पूजन करके कलश यात्रा एवं रैली निकाली जाएगी। रैली दामजीपुरा के स्कूल ग्राउंड पहुंचेगी, जहां पर भरत स्तर पर कार्यक्रम किया जाएगा।
बैठक में जयस प्रदेश संयोजक जामवंत सिंह ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासियों पर अत्याचार एवं मणिपुर की घटना को लेकर आक्रोश रैली निकाली जाएगी। कुमरे ने आरोप लगाया कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार देश चलाने लायक नही है। इनके शासनकाल में आदिवासी एवं दलितों पर अन्याय अत्याचार शोषण किया जा रहा है। देश की महिलाएं सुरक्षित नहीं है, उन्हें नग्न अवस्था में घुमाया जा रहा है।
चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी
भीमपुर क्षेत्र के विषय में जामवंत सिंह कुमरे ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष होने के बाद भी इस क्षेत्र में शिक्षा स्वास्थ्य एवं बिजली की समस्याएं बनी हुई है। दामजीपुरा में कृषि मंडी प्रस्तावित होने के बाद भी मंडी का कार्य चालू नहीं किया गया तो क्षेत्र के समस्त क्षेत्रवासी सामूहिक रूप से चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
भैंसदेही महाविद्यालय को लेकर जामवंत सिंह कुमरे ने कहा कि देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और आदिवासियों को आज भी देश में गुलाम की तरह रखा जा रहा है। भैंसदेही महाविद्यालय का नाम क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामजी भाऊ कोरकू के नाम से करने के लिए स्थानीय जन भागीदारी समिति आपत्ति जता रही है और नामकरण को लेकर कोई कार्यवाही नही की जा रही है। बैठक में मोहटा के सरपंच राजकुमार मर्सकोले ने बैठक में कहा कि प्रति वर्ष दामजीपुरा में विश्व आदिवासी दिवस हर्षोलास के साथ मनाया जाता था, लेकिन इस वर्ष आदिवासियों पर अन्याय के विरोध में किसी प्रकार का उत्सव नहीं मनाया जाएगा।
बैठक में यह रहे मौजूद
बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता शम्भू दयाल धुर्वे, रमेश सोनू पांसे, संदीप मंडावी, चैतराम इरपाचे जयस अध्यक्ष दामजीपुरा, हेरसूद धुर्वे सरपंच जयस उपाध्यक्ष, श्यामलाल मर्सकोले, झिरना बटकी, राजकुमार मर्सकोले, बलदेव धुर्वे जयस कोषाध्यक्ष, निलेश धुर्वे, रविन्द्र इवने जयस व्यवस्थापक, कामा मर्सकोले ग्राम पटेल- चिवल, शिवराम सैचर एवं समस्त सामाजिक कार्यकर्ता बैठक में शामिल रहे।



