बिज़नेस

Rice and Wheat Price : गेहूं-चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

Rice and Wheat Price: Government took a big step to control the rising prices of wheat and rice.

Rice and Wheat Price : गेहूं-चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

 WHATSAPP GROUP
Join Now

Rice and Wheat Price : गेहूं और चावल की बढ़ती कीमत में आने वाले दिनों में लगाम लग सकती है। कीमतों को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। दरअसल, सरकार ने डोमेस्टिक सप्लाई को बढ़ाने और रिटेल कीमतों को नियंत्रित करने के अपने प्रयासों के तहत थोक उपभोक्ताओं को ई-नीलामी के माध्यम से 3. 46 लाख टन गेहूं और 13,164 टन चावल बेचा है। सरकार ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत खुदरा कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए अपने बफर स्टॉक से गेहूं और चावल बेच रही है। खाद्यान्न खरीद और वितरण के लिए सरकार की नोडल एजेंसी फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ई-नीलामी कर रही है। केंद्र ने मार्च, 2024 तक ओएमएसएस के लिए 101. 5 लाख टन गेहूं आवंटित किया है। (Rice and Wheat Price )

खबर ये भी हैं : Okinawa Lite : मात्र 1,500 की EMI पर खरीदे ओकिनावा का सबसे सस्‍ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, मिलेंगे ये फीचर

Rice and Wheat Price : गेहूं-चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

गेहूं और चावल दोनों का वीकली ई-ऑक्‍शन (Rice and Wheat Price)

सरकारी बयान में बताया गया ’26वीं ई-नीलामी 20 दिसंबर को आयोजित की गई थी, जिसमें 4 लाख टन गेहूं और 1. 93 लाख टन चावल की पेशकश की गई थी। ई-ऑक्‍शन में, 3. 46 लाख टन गेहूं और 13,164 टन चावल-क्रमश: 2,178. 24 रुपये प्रति क्‍व‍िंटल और 2905. 40 रुपये प्रति क्‍व‍िंटल के औसत दाम पर बेचा गया। ’ चावल, गेहूं और आटे की र‍िटेल प्राइस को नियंत्रित करने के लिए सरकार गेहूं और चावल दोनों का वीकली ई-ऑक्‍शन जारी कर रही है।

खबर ये भी हैं : Business Idea : Share Market में पैसे निवेश करते समय, इन गलतियों को करने से बचें, नहीं होगा कोई नुकसान

Rice and Wheat Price : गेहूं-चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

चावल की ब‍िक्री में इजाफा (Rice and Wheat Price)

एक बोलीदाता की तरफ से बोली लगाने वाले चावल की न्यूनतम मात्रा एक टन है। वहीं, अधिकतम 2000 टन के ल‍िए बोली लगाई जा सकती है। बोलीदाता ओएमएसएस (घरेलू) के तहत चावल के संबंध में एक टन के मल्‍टीपल में बोली लगा सकते हैं। यह उपाय ओएमएसएस (घरेलू) के तहत चावल की बिक्री बढ़ाने के लिए किया गया है। वर्तमान ई-नीलामी में चावल की बिक्री पिछली ई-नीलामी में बेचे गए 3300 टन से बढ़कर 13,164 टन हो गई है। महीने की शुरुआत में खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा था कि सरकार घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने और बढ़ती कीमत को रोकने के लिए ओएमएसएस के तहत जनवरी-मार्च, 2024 के दौरान थोक ग्राहकों को अतिरिक्त 25 लाख टन एफसीआई का गेहूं उतारने के लिए तैयार है। (Rice and Wheat Price)

खबर ये भी हैं : Business Idea : इस बार वेडिंग सीजन शुरू करें ये बिजनेस, कम लागत में होगी तगड़ी कमाई

Sagar Karkare

My Name is Sagar Karkare. I am the Editor of This Web Site,

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button