Betul Samachar : चिचोली अस्पताल का हाल, स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, एक भी डॉक्टर पदस्थ नही, भगवान भरोसे चल रहा मरीजों का ईलाज
Betul Samachar: Condition of Chicholi Hospital, health system is in bad shape, not a single doctor is posted, treatment of patients is going on by trusting God.
वार्ड क्रमांक -15 की पार्षद नेहा रुपेश आर्य ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर बताई समस्या

Betul Samachar : (बैतूल)। स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए लंबी-चौड़ी बातें जरूर सुनने को मिलती है लेकिन चरमराई स्वास्थ्य सेवा के कारण चिचोली में स्थित स्वास्थ्य केंद्र बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है। इसकी बदहाली के कारण इस क्षेत्र के लोगों को निजी क्लीनिकों पर निर्भर रहने को विवश होना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि जब अस्पताल खुद ही बीमार है तो यहां लोगों का इलाज कैसे संभव हो पाएगा। डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्मार्ट इंडिया, हेल्थ फोर ऑल, आयुष्मान भारत जैसी विभिन्न योजनाओं के बीच लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवा तक उपलब्ध नहीं होना जनता के रहनुमाओं को आईना दिखाने के लिए काफी है।
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नगर परिषद चिचोली वार्ड क्रमांक -15 की पार्षद नेहा रुपेश आर्य ने तहसीलदार चिचोली को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की। सौंपे ज्ञापन में उन्होंने उल्लेख किया है कि चिचोली क्षेत्र के आसपास के 4 ब्लाकों की लगभग 2 लाख की आबादी का प्रमुख केन्द्र चिचोली अपनी बदहाली पर आंसू बहाने के लिए मजबूर है। दिन प्रतिदिन व्यवस्था सुधरना तो दूर की बात बिगड़ते ही जा रही है।
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आये दिन नई-नई घटनाएं हो रही है। शासन प्रशासन ना जाने क्यूं आंखे बंद करके बैठा हुआ है। क्षेत्र की जनता ईलाज के लिये दर-दर ठोकरे खाने के लिये मजबूर हो रही है। लेकिन शासन प्रशासन को काई फर्क नही पड़ रहा है। पूर्व में भी हमारे द्वारा आवेदनों के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि सरकार सिर्फ विज्ञापनों एवं अपने चाहितों को लाभ पहुचाने के उददेश्य से ही काम कर रही है।
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सर्पदंश पीड़ित की हो गई मौत
पार्षद ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते आदिवासी की मौत हो गई। आदिवासी ड्रायवरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था, उसे बुधवार रात सर्प ने काट लिया। उसे सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र लाया गया। यहां पर न तो उसे डॉक्टर मिला न ईलाज। स्थिति गंभीर होने पर जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया गया। रास्ते में खेड़ी के पास उसकी मृत्यु हो गई। अब इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, उस व्यक्ति के 4 बच्चे अनाथ हो गये।
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आंदोलन की दी चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि जनहित को दृष्टिगत रखते हुये जल्द से जल्द डॉक्टर की पदस्थापना की जाए, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जाए। अस्पताल के विस्तारीकरण को देखते हुये, अस्पताल की भूमि को सुरक्षित रखा जाए। अन्यथा आगामी दिनों में क्षेत्र की जनता, कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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