Betul News : बेरोजगारी, पलायन की समस्या को लेकर मुखर हुए आदिवासी कोरकू संगठन
Betul News: Tribal Korku organizations became vocal about the problem of unemployment and migration.
जिले की पांचो विधानसभा में अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा
आदिवासी कोरकू संघर्षशील संगठन ने 11 सूत्रीय मांग को लेकर निकाली विशाल रैली
आरोप- भैंसदेही के पूर्व विधायक ने पलायन की समस्याओं को कभी गम्भीरता से नहीं लिया।

Betul News : (बैतूल)। जिले के ग्रामीण अंचलों में बेरोजगारी और पलायन की समस्या, लगातार एक ही परिवार को 60-65 वर्षों से राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ाने सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर आदिवासी कोरकू संघर्षशील संगठन ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर विशाल रैली निकालकर 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। संगठन ने जिले की पांच विधानसभा में निर्दलीय उम्मीदवार खड़े करने की भी घोषणा की है।
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आदिवासी कोरकू संघर्षशील संगठन के जिला अध्यक्ष चैतराम कास्दे ने आरोप लगाया राजनीतिक पार्टियों ने भैंसदेही विधानसभा में लगातार एक ही परिवार को आगे बढ़ाया। पूर्व विधायक ने कभी क्षेत्र की पलायन समस्याओं को गम्भीरता से नहीं लिया है। लेकिन अब क्षेत्र की जनता जागरूक हो गई है। आखिर आदिवासी समाज कब तक पलायन करेंगे, ये खत्म होने चाहिए, हर बार जनता ने मौका दिया है।
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कास्दे ने बताया इस बार संगठन ने पलायन से छुटकारा पाने के लिए एकजुट होकर विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े करने पर सहमति जताई है। समाज ने निर्दलीय प्रत्याशी को सहयोग करने का संकल्प लिया है। कास्दे ने बताया जिन लोगों को जनता ने चुनकर भेजा, उन्होंने कभी भी विधानसभा में गम्भीर मुद्दे पर चर्चा नहीं की है। जनप्रतिनिधियों को विधानसभा सभा में अपने क्षेत्र की समस्या को लेकर चर्चा करते हुए नहीं देखा और न ही सुना है। जनता ने परेशान होकर संगठन के साथ में खड़े होकर चलने का संकल्प लिया है।
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ग्रामीण अंचलों की आधी आबादी कर रही पलायन
आदिवासी कोरकू संघर्षशील संगठन के कार्यकर्ताओं ने बताया रोजगार कम होने से जिले के ग्रामीण अंचलों की आधे से अधिक आबादी पलायन करती है। लोगों को यहां से अधिक मजदूरी गुजरात, राजस्थान व महाराष्ट्र में मिलती है।
उद्योगों की स्थिति भी लचर होने से युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाता है। युवाओं का कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस ओर गम्भीरता से नहीं देखा। जिले में बेरोजगारी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। युवाजन बैंकों के चक्कर लगाते रहते हैं। समय पर व पर्याप्त मात्रा में उन्हें लोन नहीं मिल पाता। इससे युवाओं में आक्रोश है।
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पढ़ाई पूरी कर ईधर-उधर भटक रहे युवा
चैतराम कास्दे ने बताया जिले में रोजगार की बड़ी समस्या है। औद्योगिक ईकाई नहीं होने से बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। डिग्री के बाद युवाओं को ईधर-उधर भटकना पड़ रहा है। किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। क्षेत्र के ग्रामीण अन्य प्रदेशों में अधिक दाम मिलने के कारण मजदूरी के लिए प्रतिवर्ष पलायन कर जाते है। यहां भी मजदूरी के दाम बढ़ा दिए जाए व पर्याप्त रोजगार मिले तो पलायन को रोका जा सकता है। नई पीढ़ी के लिए सरकार को अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
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