Hatod crime case: आरोपी रुस्तम खान को मिली नियमित जमानत
Hatod crime case: Accused Rustam Khan gets regular bail
Hatod crime case: इंदौर के हातोद पुलिस थाना क्षेत्र में पंजीकृत अपराध क्रमांक 79/2026 में आरोपी रुस्तम उर्फ कालिया खान को न्यायालय द्वारा 50,000 रुपये की सक्षम प्रतिभूति और इतनी ही राशि के व्यक्तिगत बंधपत्र पर नियमित जमानत प्रदान कर दी गई है। 19वें अपर सत्र न्यायालय इंदौर की पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण इस जमानत आवेदन पत्र पर प्रभारी न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश ) द्वारा सुनवाई की गई।
Hatod crime case: मामले का पूरा विवरण
अभियोजन पक्ष (पुलिस व फरियादिया) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
पीड़िता के आरोप: चोरल निवासी फरियादिया (जो सिलाई का काम करती है) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी फिरोज ने उसे अपने साथ चलने और शादी करने का झांसा दिया।
घटनाक्रम: पीड़िता 2 मई 2026 को फिरोज के साथ उसकी फुफो के घर गुर्दाखेड़ी गई, जहाँ फिरोज ने उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए।
रुस्तम पर आरोप: पीड़िता के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज होने पर 4 मई 2026 को आरोपी फिरोज, उसका भाई रियाज और चाचा रुस्तम पीड़िता को थाने के पास तक लेकर आए। आरोप था कि रुस्तम ने आरोपी फिरोज का सहयोग किया, उसे कमरा उपलब्ध कराकर दुष्प्रेरित किया और पीड़िता को उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर अपने पक्ष में झूठी गवाही दिलवाई।
मामले की धाराएं: हातोद थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
Hatod crime case: अदालत में दोनों पक्षों के तर्क
बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्री पीयूष चौहान ने दलील दी कि रुस्तम पूर्णतः निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। आरोपी एफआईआर में नामजद नहीं है और न ही उसका कोई आपराधिक इतिहास है। इसके अलावा, प्रकरण के सह-आरोपी रियाज खान को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर पीठ द्वारा (MCRC 26925/2026) और सह-आरोपी शबनम बी को अपर सत्र न्यायालय द्वारा जमानत मिल चुकी है। चूंकि रुस्तम का मामला भी रियाज खान के समान है, इसलिए उसे भी समानता के आधार पर जमानत दी जानी चाहिए।
Hatod crime case: राज्य की ओर से लोक अभियोजक ने जमानत अर्जी का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पर लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए आवेदन निरस्त किया जाना चाहिए।
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Hatod crime case: अदालत का निर्णय और जमानत की शर्तें
न्यायालय ने अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद पाया कि सह-आरोपी रियाज खान को उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी है और रुस्तम का मामला भी रियाज खान से भिन्न नहीं है। अतः समानता के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 483 के तहत रुस्तम का पहला नियमित जमानत आवेदन स्वीकार कर लिया गया।
Hatod crime case: अदालत द्वारा आरोपी के लिए रखी गई प्रमुख शर्तें:
- 1. आरोपी पुलिस अनुसंधान में पूरा सहयोग करेगा।
- 2. अभियोजन के गवाहों को किसी भी प्रकार से डराएगा, धमकाएगा या प्रभावित नहीं करेगा।
- 3. इस प्रकार के किसी अपराध की पुनरावृत्ति नहीं करेगा।
- 4. न्यायालय द्वारा दी गई नियत तिथियों पर समय पर उपस्थित रहेगा।
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