Legal News MP: शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के मामले में इंदौर हाई कोर्ट का फैसला, आरोपी को मिली नियमित जमानत
Legal News MP: Indore High Court's decision in the case of having a relationship on the pretext of marriage, the accused got regular bail.
Legal News MP: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने एक महत्वपूर्ण कानूनी मामले की सुनवाई करते हुए शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने के आरोपी को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट के माननीय न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने मामले की परिस्थितियों और केस के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी विशाल द्वारा दायर पहली जमानत याचिका को बिना किसी गुण-दोष पर टिप्पणी किए मंजूर कर लिया है।
Legal News MP: महिला थाने में दर्ज था गंभीर मामला
न्यायालयीन दस्तावेजों के अनुसार, यह पूरा मामला इंदौर के महिला थाने से संबंधित है, जहाँ अपराध क्रमांक 158/2026 के तहत आरोपी विशाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 और 115(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को बीते 26 मई 2026 को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह लगातार न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था।
Legal News MP: मार्कशीट की उम्र और एफआईआर में देरी बनी जमानत का आधार
जमानत याचिका पर बहस करते हुए आवेदक के वकील श्री गौरव गर्गसार ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि आरोपी पूरी तरह निर्दोष है और उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि पीड़िता एक 35 वर्षीय विधवा महिला है जो दो बच्चों की मां है। इसके अलावा, पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी की उम्र 26 वर्ष दर्शाई गई है,
जबकि उसकी शैक्षणिक मार्कशीट के अनुसार उसकी वास्तविक उम्र केवल 20 वर्ष है। वकील ने यह भी रेखांकित किया कि मामले में एफआईआर काफी देरी से दर्ज की गई है। चूंकि पुलिस जांच पूरी हो चुकी है और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, इसलिए आरोपी को जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है।
Legal News MP: धारा 483 के तहत जमानत याचिका स्वीकार
राज्य सरकार की ओर से उपस्थित सरकारी वकील श्री सुनीत कपूर ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग की। हालांकि, हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 483 के तहत विशाल की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
Legal News MP: अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपी को ₹50,000 (पचास हजार रुपये) के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि के एक स्थानीय प्रतिभूति पर रिहा किया जाए। कोर्ट ने शर्त रखी है कि आरोपी को मुकदमे की प्रत्येक सुनवाई पर निचली अदालत में उपस्थित रहना होगा और वह जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं करेगा।
____________________________
इसी प्रकार की जानकारी और समाचार पाना चाहते हैं तो,हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़े व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए “कृपया यहां क्लिक” करे।
साथ ही हमारे इंस्टाग्राम के जुड़ने के लिए यहां “क्लिक करें“।
