Today Betul News: नदी बिकी…रे भाई नदी बिकी…
Today Betul News: बटामा मामले में तो बाप बताओ या श्राद्ध करो
Today Betul News: जल संरचनाओं के आसपास निर्माण को लेकर तमाम विभागों की बंदिशें अगर लागू होती हैं तो माचना नदी पर बनी निजी पुलिया किस कायदे के तहत बनी है इसको लेकर सभी विभागों को एक बार फिर कायदों का अध्ययन करने की आवश्यकता है या फिर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि इतने असहाय हैं कि मर्यादाओं को लांघकर किया गया निर्माण इन्हें वैध दिखाई दे रहा है।

जब निजी निर्माण माचना नदी पर हो गया तो हमने जनता से उनका विचार जाना तो पहला विचार बड़ा भारी है कि जिस तरह से निर्माण हुआ है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि नदी ही बिक गई।
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Today Betul News: हम इस विचार के व्यक्ति का नाम छापना जरूरी नहीं समझते विचार सामने है जवाब जिम्मेदारों को देना है, क्या सही में नदी बिकी है और अगर नहीं बिकी है तो निजी निर्माण नदी पर कैसे संभव है यह तो बताना जरूरी है।

जिम्मेदार जांच के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं वहीं नदी पर निर्माण उमरी रोड पर दिखाई देने लगा है। नदी पर निजी निर्माण होने के बाद बटामा नहर का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आकर खुदकी खैर खबर पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सवाल करता है कि बटामा नहर दिखाओ या यह भी बिक गई स्वीकार करो।
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Today Betul News: तीन तिगाड़ा, काम बिगाड़ा
बटामा नहर को गायब करने के लिए तीन विभाग मूल रूल से जिम्मेदार बताए जाते हैं, जल संसाधन विभाग, राजस्व और टीएनसीपी की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। बटामा नहर कुछ दशक पहले तक बकायदा दिखाई देती थी, बडोरा में पेट्रोल पंप तक यह रिकार्ड में भी दर्ज है बावजूद यहां कॉलोनाईजर सिंडिकेट के चलते बकायदा बटामा गायब करने का सिलसिला बना हुआ है।

Today Betul News: हाल ही में इस नहर का बड़ा हिस्सा 9 करोड़ के सौदे के बाद फिर चर्चा में आया है। जिस पर विभागों के जिम्मेदार ना तो पड़ताल करने की कोशिश कर रहे हैं और ना ही पानी की लड़ाई और पर्यावरण की वकालत करने वाले संगठन बटामा को लेकर कभी गंभीर नजर आए हैं। कुलजमा कभी किसानों की उपयोगी नहर अब भू-माफियाओं के लिए फायदे का सौदा बनी हुई है।
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