Chhindwara News : भारतीय किसान संघ द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा
Chhindwara News : Memorandum sent by Bharatiya Kisan Sangh regarding its various demands
Chhindwara News : भारतीय किसान संघ क्षेत्र के किसानों कि समस्याओं के समाधान के लिए जिला कलेक्टर पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर मनोज पुष्प के जरिए ज्ञापन सोपा भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष ने बताया की किसानों के हितों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर कार्यवाही की जाए किसानों को समर्थन मूल्य नहीं अपितु लागत के आधार पर सभकारी मूल्य दिया जाए साथ में खरीदी की व्यवस्था भी। सुनिश्चित की जाए। निर्यात नीति किसानों के हित में हो यदि बढ़ता है तो किसानों को लाभ मिलना चाहिए। अतः या पर के निर्यात शुल्क तुरंत हटाया जाए। कृषि विभाग व वाणिज्य विभाग के पास कृषि उत्पादन के सारे आकड़े उपलब्ध रहना चाहिए। उन्हीं आंकड़ों के आधार पर आयात निर्यात नीति बनना चाहिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा में खेत को इकाई माना जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को कृषि बीमा के स्थान पर फसल बीमा फसल बीमा रोजना किया जाए। कृषि कार्य में लगने वाले सभी यंत्रों, रासायनिक दवाइया, बीजव खाद पर से जीएसटी हटाई जाए एवं उनपर सरकार नियंत्रण हो। सरकार आईसीएआर द्वारा रिसर्च में प्राइवेट पार्टिसिपेशन का प्रावधान निरस्त करें जिससे किसानो को बीज के लिए गुलाम नहीं होना पड़ेगा और नए बीजों के शो पर बजट बढ़ाया जाए।
केंद्र सरकार द्वारा घोषित योजनाओं का लाभ बैंकों के अड़ियल रवैया के कारण पात्र किसानों को नहीं मिल पाता अतः किसानों के सहयोग के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर एवं प्रत्येक जिले में एक सक्षम समन्वय अधिकारी की नियुक्ति की जाए। प्रदेश में किसानों द्वारा बनाए गए एफपीओ को सरकार सभी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। कृषि प्रधान देश में केंद्र सरकार देश का कृषि बजट अलग से मनरेगा योजना को सीधे कृषि कार्य से जोड़ा जाए। प्रत्येक पंचायत स्तर पर वर्षा व तापमान मापक यंत्र लगाया जाए। सोलर कृषि पंप योजना 90% अनुदान के साथ पुन: किसानों के लिए चालू की जाए। सभी जिलों में सर्व सुविधा युक्त कृषि महाविद्यालय खोला जाए एवं शिक्षा में कृषि को जोड़ा जाए । देश के सभी नागरिकों को निशुल्क शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाए। मिर्च और कपास में लगने वाले वायरस को प्राकृतिक आपदा मानकर फसल बीमा में जोड़ा जाए ।प्रतिबंधित बीज बीटी 1, बीटी 2 एवं नाकाम बीज के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया जाए, और इस प्रकार की कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया जाए। सभी फसलों के समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाए। वर्तमान में बीजों की कालाबाजारी एवं बीच के मूल्यों में होने वाली लूट को तत्काल रोका जाए एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों के मूल्य निश्चित किए जाए।



