Betul house demolition controversy: नायब तहसीलदार पर बिना नोटिस कार्रवाई और धमकी देने का आरोप
Betul house demolition controversy: Naib Tehsildar accused of taking action without notice and issuing threats
Betul house demolition controversy: जनसुनवाई में मंगलवार को भगतसिंह वार्ड निवासी आवेदक उषा मोरे ने आवेदन देकर नायब तहसीलदार पर पट्टे की भूमि पर बने उनके मकान को बिना पूर्व सूचना और नोटिस के जेसीबी से तुड़वाने का आरोप लगाया है। आवेदन में पीड़िता ने इस कार्रवाई से करीब 10 लाख रुपए के नुकसान का दावा करते हुए जांच और क्षतिपूर्ति की मांग की है।

Betul house demolition controversy: भूमि का पट्टा मिला था
आवेदन के अनुसार उषा मोरे नगर पालिका बैतूल में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में उन्हें और उनके पति उदल मोरे को संबंधित भूमि का पट्टा मिला था, जबकि वे इससे करीब 25 वर्ष पहले से वहां मकान बनाकर निवास कर रहे थे।

Betul house demolition controversy: झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी
पीड़िता का आरोप है कि 13 मई को जब वह ड्यूटी पर थीं, उसी दौरान सुबह करीब 11 बजे नायब तहसीलदार कर्मचारियों और जेसीबी के साथ पहुंचीं तथा मकान बंद होने की स्थिति में उसे तुड़वा दिया। उनका कहना है कि मकान के साथ घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। मौके पर पहुंचकर विरोध करने पर कथित रूप से अभद्र व्यवहार करते हुए झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी गई।

Betul house demolition controversy: नुकसान की भरपाई दिलाने की मांग
उषा मोरे ने आवेदन में कहा है कि यह मकान उनकी जीवनभर की मेहनत की कमाई से बना था और इसके अतिरिक्त उनके पास रहने के लिए कोई अन्य व्यवस्था नहीं है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई। मामले में उन्होंने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराते हुए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई तथा नुकसान की भरपाई दिलाने की मांग की है।
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