Chhindwara News : पेंच बांध प्रभावित किसान संगठन के जल सत्याग्रह आंदोलन में हज़ारों की संख्या में पहुँचे किसान।
Chhindwara News : Thousands of farmers participated in the Water Satyagraha movement of Pench Dam affected farmers organization.
Chhindwara News : चौरई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत केवलारी में पेंच बांध प्रभावित किसान संगठन के द्वारा जल सत्याग्रह आंदोलन किया गया।जहां आसपास के गाँवो से हज़ारों की संख्या में किसान सहित महिलाएं भी अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ पहुँची।जहां से किसान नेता शिव पटेल जी ने जानकारी देते हुए बताया कि हम सभी किसानों द्वारा 11 सितंबर को अनुविभागीय अधिकारी चौरई एवं छिंदवाड़ा में विशाल रैली निकालकर जिला कलेक्टर महोदय जी को ज्ञापन भी दिया गया था।जहां से शासन प्रशासन के द्वारा हमे एक सप्ताह का समय दिया गया था।जिला प्रशासन ने सभी किसानों को एक सप्ताह का आश्वासन देकर आंदोलन कर रहे किसानों को आपने घर वापस भेज दिया था।लेकिन एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन ने किसानों को दिए गए आश्वासन के बारे में कोई निर्णय नही ले पाया।इसलिए पेंच बांध प्रभावित किसान संगठन के द्वारा फिर से विधानसभा क्षेत्र चौरई के ग्राम केवलारी में आसपास के हज़ारों किसानों ने निर्णय लिया कि अब जल सत्याग्रह आंदोलन किया जायेगा।किसानों ने जिला प्रशासन सहित थाना चौरई में जानकारी देकर 23 सितंबर को सुबह करीब 8 बजे से किसानों के द्वारा जल सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत कर दिया गया था।मौके पर किसान सहित हज़ारों की तादात में महिलाएं,युवक,युवतियां ने आपने आप को बांध के पानी के अंदर 4,5 घंटे डुबाकर आंदोलन करते रहे।आंदोलन स्थल पर भारी पुलिस प्रशासन सहित NDRF की टीम भी मौजूद रही।शिव पटेल ने बताया कि पेंच परियोजना के अंर्तगत माचागोरा बांध में जलाशय होने के कारण आसपास के 31 ग्राम प्रभावित हो गए हैं।जिनकी आवादी के हिसाब से अगर देखा जाये तो सिर्फ 4 ग्राम भुतेरा,धनोरा,भूला, बाराहबिहारी पूरी तरह जलमग्न हैं।और 14 ग्राम आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं व 13 ग्रामों की मात्र भूमि प्रभावित हुई है।ग्राम के किसान व सरपंच संघ जिलाध्यक्ष परसराम वर्मा जी,मूलचंद साहू एवं राजकुमार वर्मा सहित अन्य किसानों ने बताया कि जलाशय निर्माण के दौरान आसपास के लगभग 2500 परिवार प्रभावित हुए थे।बांध प्रभावित किसानों की कुछ मुख्य मांगे इस तरह है कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा प्रदान किया जाए।सरदार सरोवर बांध की तर्ज पर विशेष पैकेज दिया जाए।शासन द्वारा बसाए गए पुनर्वास को पुनःअर्जन कर शहर के किनारे विस्थापित किया जाए।मत्स्य पालन एवं मछली का ठेका प्रभावित ग्रामों की समिति एवं मछुआरों को दिया जाये।जिन किसानों के विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन के भू-अर्जन प्रकरण लंबित है उन सभी अपीलीय प्रकरणों वापिस लेकर को फरियादी किसानों को मुआवजा दिया जाये।जिला कलेक्टर स्तर की समस्या को प्रभावित किसानों के जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर तत्काल निराकरण किया जाए।थर्मल पावर के लिए अडानी द्वारा ली गई जमीन को किसानों को स्वामित्व किया जाये।पेंच बांध प्रभावित किसान परिवारों ने अपनी इन माँगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।और कहा कि अगर हमारी मांगे सरकार जल्द पूरी नही करती है तो आगे हमारा आंदोलन बढ़ता रहेगा जो उग्र रूप ले सकता है।अगर किसानों का किसी भी प्रकार से जान माल का नुकसान होता है जिसकी पूरी जवाबदारी शासन प्रशासन व सरकार की होगी।जहां मुख्य रूप से किसान नेता शिव पटेल जी,सरपंच संघ जिलाध्यक्ष परसराम वर्मा जी,संदीप वर्मा,राजकुमार वर्मा,राजेश मसराम,नाहर्षा मसराम,बलराम चंद्रवंशी, चतरू पटेल,नितेश पटेल,बालकराम वर्मा जी एवं हज़ारों की संख्या में महिलाएं,युवक,युवतियों सहित किसानों का जनसैलाब उपस्थित रहा।



