Betul News : बिजली आपूर्ति के लिए दिए गए समय को परिवर्तित करने की मांग
Betul News: Demand to change the time given for electricity supply
युवक कांग्रेस ग्रामीण के कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण यंत्री को सौंपा ज्ञापन

Betul News : (बैतूल)। युवक कांग्रेस ग्रामीण के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त बिजली न मिलने पर अधीक्षण यंत्री को ज्ञापन सौंपकर बिजली आपूर्ति के लिए दिए गए समय को परिवर्तित करने की मांग की है। एसई कार्यालय पहुंचे युका कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को बताया कि ग्रामीण अंचल में कृषकों को पर्याप्त बिजली न मिलने से फसल पर भारी नुकसान हो रहा है।
सिंचाई के लिए जो पंप की बिजली दी जा रही है। वह शाम को 7:30 बजे से 2:30 बजे तक दूसरे सप्ताह में 11:30 बजे से 6:30 बजे तक दी जा रही है। इसका जो आदेश है वह निरस्त कर बिजली पुराने समय अनुसार ही दी जाए। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि फ़ॉल्ट मीटर रीडिंग होने से जिन किसानों को अनुचित बिल भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उस पर रोक लगाई जाए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया की नर्मदापुरम संभाग में ग्रामीण अंचलों में भी 24 घंटे की बिजली प्रदाय की जा रही है। जबकि बैतूल जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
शिकायत के बाद भी चालू नहीं होती लाइन
अध्यक्ष यु. कां. बैतूल ब्लाक (ग्रामीण) राकेश घंगारे ने बताया कि कभी तकनीकी खराबी, कभी कहीं फाल्ट आ जाने के कारण पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, जहां रात्रिकालीन शिफ्ट हो, वहां कम से कम कंपनी के एक लाइनमैन की ड्यूटी होना चाहिए, उसका मोबाइल नंबर सार्वजनिक होना चाहिए, जिससे किसानों को किसी भी समस्या होने पर मदद मिल सके। अभी लाइनमैन का कोई पता नहीं रहता है, शिकायत करने के घंटों बाद भी लाइन चालू नहीं हो पाती। रात में फाल्ट होने पर बिजली फाल्ट दिन में सुधारा जाता है, जिससे किसान की रात वाली शिफ्ट का नुकसान हो जाता है। किसानों ने सभी सब स्टेशनों का स्थाई संपर्क नंबर जारी करने की मांग की है, जिससे सीधे तत्काल शिकायत की जा सके।
ज्ञापन सौंपने वालों के हर्षवर्धन धोटे, प्रशांत राजपूत, मिथलेश राजपूत, रिंकू पटेल, परसराम कापसे, ज्ञानीराम घंगारे, तुलसीराम पुंडे, महेश पारधे, राहुल छेरकी, प्रीतेश घंगारे, अखलेश नारे, दिलीप झरबड़े, अनिल चावरे, गंगाराम पारधे, राजाराम घंगारे, राजेश छेरकी, डिंपी नारे, रामपाल पारधे, नारायण गावण्डे, राजाराम पारधे, आकाश पाल, विश्वनाथ चंदेलकर, सूर्यपाल कापसे, कमल छेरकी, रामगोपाल कोकाटे, रविशंकर रावत सहित युका कार्यकर्ता शामिल थे।



