बैतूल

Betul News : विकास के दावे और वादे करने वाले हेमंत खण्डेलवाल बताएं 5 साल में क्यों नहीं बना खेड़ला किला पहुंच मार्ग

Betul News: Hemant Khandelwal, who makes claims and promises of development, should tell why the Khedla Fort access road was not built in 5 years.

विधायक रहते खुद ने ही किया था भूमिपूजन, मोहन टिकमे

Betul News : विकास के दावे और वादे करने वाले हेमंत खण्डेलवाल बताएं 5 साल में क्यों नहीं बना खेड़ला किला पहुंच मार्ग

Betul News : (बैतूल)। कांग्रेस चुंनाव कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार विकास के दावे और वादे करने वाले पूर्व विधायक हेमंत खण्डेलवाल से कांग्रेस कार्यकर्ता मोहन टिकमे ने सवाल किया है कि वे बताएं कि अपनी विधायकी के कार्यकाल में उन्होंने तीन आम से खेड़ला किला की ओर जाने वाले जिस मार्ग निर्माण का भूमिपूजन किया था वो आज 5 साल बीत जाने के बाद भी आखिर क्यों नहीं बन पाया है। हेमंत खण्डेलवाल ये भी बताएं कि सोनाघाटी से छिंदवाड़ा सीमा तक बनाये गए मार्ग में किसानों को आज तक मुआवजा क्यों नहीं दिया गया है।

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श्री टिकमे ने अपने बयान में सीधा आरोप लगाया है कि, मार्ग निर्माण ओर मुआवजे को लेकर ग्रामीणों और किसानों को धोखे में रखा गया। 20 लाख रुपये की लागत से तीन आम चौक से खेड़ला किला तक यह मार्ग डेढ़ किलोमीटर का बनाया जाना था। 30 सितंबर 2018 को इस मार्ग का भूमिपूजन सांसद ज्योति धुर्वे, विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने किया था। लेकिन चुंनाव हारने के बाद उन्होंने ये नहीं सोचा कि जिस मार्ग का भूमिपूजन किया गया है। उसके और जनता किस हाल में है। और वहीं दूसरी तरफ ये कहा जा रहा है कि, विधायक नहीं रहते भी विकास कार्य पर पूरा ध्यान दिया गया। खण्डेलवाल ये बताएं कि जब विकास करवा रहे थे तो ये काम क्यों नहीं करवा पाए। आज भी यह मार्ग उबड़ खाबड़ स्तिथि में पड़ा हुआ है। और ग्रामीण जनों को इसी मार्ग से आना जाना करना पड़ रहा है।

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किसानों की जमीन पर बना दी सड़क नहीं दिया मुआवजा

मोहन टिकमे ने जारी किए बयान में बताया कि, सोनाघाटी से छिंदवाड़ा जिले की सीमा तक बनाये गए मार्ग निर्माण में भी किसानों के साथ धोखा किया गया। क्षेत्र के कई किसानों की कृषि भूमि लेकर उस पर सड़क बना दी गयी। किसानों को मुआवजा दिए जाने के लिए कहा भी गया था। लेकिन सड़क बनने के बाद किसानों को ये कहा गया कि केंद्रीय निधि से बनाई गयी इस सड़क के निर्माण में मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है।  सीधे सीधे किसानों के साथ धोखाधड़ी की गई। श्री टिकमे का कहना है कि क्षेत्र के ग्रामीण और पीढ़ित किसान इस  वादा खिलाफी को भूले नहीं है। अब समय आ गया है इसका जवाब देने का।

Sagar Karkare

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