बैतूल

Betul News: सीएससी सेंटरो में राष्ट्रीय महासंगोष्ठी का हुआ लाइव प्रसारण, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सीएससी और पैक्स की साझेदारी की दी जानकारी

Betul News: Live telecast of National Seminar in CSC Centers, Union Home and Cooperation Minister Amit Shah gave information about partnership between CSC and Pax

Betul News: सीएससी सेंटरो में राष्ट्रीय महासंगोष्ठी का हुआ लाइव प्रसारण, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सीएससी और पैक्स की साझेदारी की दी जानकारीBetul News: (बैतूल)। जिले की सभी 556 पंचायतों में सीएससी सेंटरो के माध्यम से शुक्रवार 21 जुलाई को राष्ट्रीय महासंगोष्ठी का लाइव प्रसारण किया गया। जिला प्रबंधक कमलेश रघुवंशी ने बताया कि इस कार्यक्रम में पैक्स द्वारा सीएससी की सेवाएं प्रदान किए जाने से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि पैक्स  ग्राम स्तर की सहकारी ऋण समितियां हैं जो राज्य सहकारी बैंकों की अध्यक्षता वाली त्रि-स्तरीय सहकारी ऋण संरचना में अंतिम कड़ी के रूप में काम करती हैं। पैक्स, विभिन्न कृषि और कृषि गतिविधियों के लिए किसानों को अल्पकालिक एवं मध्यम अवधि के कृषि ऋण प्रदान करते हैं। पैक्स सहकारिता की रीढ़ हैं और इनके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी सेवाओं की डिलिवरी से रोज़ग़ार के अवसरों में वृद्धि होगी।

बैतूल जिला सीएससी टीम के जिला प्रबंधक कमलेश रघुवंशी, विशाल झपाटे, जिला समन्वयक उमेंद्रसिंह एवं आधार टीम हेमंत सिंह एवं नवीन विश्वकर्मा और सीएससी संचालक द्वारा भी कैंप में सहयोग किया गया।

लाइव प्रसारण के दौरान अपने संबोधन में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सीएससी को बधाई देते हुए कहा कि मात्र 2 माह के भीतर 17,176 पैक्स सीएससी बन चुके हैं जिसमें 6000 से अधिक ने ट्रांजेक्शन करना भी शुरू कर दिया है। अब हर पैक्स को 1-2 युवा को भी अपने केंद्र पर नौकरी देनी होगी जिसका मतलब है कि रोजगार और गांव की अर्थव्यवस्था दोनों को ही इस साझेदारी से लाभ मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भ्रष्टाचार खत्म करने और आमजन को मजबूत करने का जो बीड़ा उठाया था, उसको सीएससी और सहकारिता मंत्रालय मिलकर निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा,  “पिछले 9 वर्षों में भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों में ढाई सौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस का सीएससी से बड़ा उदाहरण कुछ और नहीं हो सकता. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन करने का निर्णय एक अलग दृष्टिकोण से लिया.  सहकारिता आंदोलन को रिवाइव करना, इसे आधुनिक बनाना, इसमें पारदर्शिता लाना और नई ऊंचाइयां छूने का लक्ष्य तय करना बहुत आवश्यक था. कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सहकारिता ही एकमात्र ऐसा आंदोलन है जिसके माध्यम से हर व्यक्ति को समृद्ध बनाया जा सकता है. सहकारिता आंदोलन बिना पूंजी वाले ऐसे लोगों को समृद्ध बनाने का बहुत बड़ा साधन बन सकता है.” श्री अमित शाह ने कहा कि पैक्स की मजबूती के साथ किसान मजबूत होता है. इन्हें मज़बूत करने का मतलब देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है. जब कोऑपरेटिव्स के माध्यम से कृषि, पशुपालन और मत्स्यपालन को मज़बूत करते हैं तो जीडीपी के साथ-साथ रोज़ग़ार के अवसर भी बढ़ेंगे।

अब पीएसीएस पेट्रोल पंप चला पाएंगे, गैस की एजेंसी भी चला सकेंगे

अमित शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में मोदी सरकार ने कई काम किए हैं। अब पीएसीएस पेट्रोल पंप चला पाएंगे, गैस की एजेंसी भी चला सकेंगे, सीएससी भी बन पाएंगे, सस्ती दवाई की दुकान भी चला सकेंगे, सस्ते अनाज की दुकान भी चला सकेंगे. आने वाले दिनों में ग्रामीण विकास और कृषि विकास का एक नया युग शुरू होगा। पैक्स देश के सहकारी आंदोलन की मूल इकाई है, इसलिए पैक्स की व्यवहार्यता में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं. पैक्स के लिए मॉडल उपनियम, मंत्रालय द्वारा सभी स्टेकहोल्डर से सलाह के बाद तैयार किए गए हैं।

ये नियम पैक्स को डेयरी, मत्स्य पालन, गोदाम, कस्टम हायरिंग केंद्र, उचित मूल्य की दुकानों, एलपीजी/डीजल/पेट्रोल डिस्ट्रीब्यूटरशिप, आदि सहित 25 से अधिक आर्थिक गतिविधियों को शुरू करके अपने व्यवसायों में विविधता लाने में सक्षम बनाएंगे. इसके अलावा, संबंधित मंत्रालयों के परामर्श से, पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के रूप में कार्य करने, एफपीओ बनाने, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए आवेदन करने, खुदरा पेट्रोल/डीजल पंप आउटलेट खोलने, जन औषधि केंद्र खोलने, उर्वरक वितरण केंद्रों के रूप में काम करने आदि के लिए भी सक्षम बनाया गया है. पैक्स के जरिए सीएससी सेवाओं की डिलिवरी इनको मजबूत करने की दिशा में नया कदम है. अब, PACS देश में कॉमन सर्विस सेंटर की तरह सुविधाएं भी दे सकेंगे। इसका लाभ देश के करोड़ों लोगों को मिलेगा।

गवर्नेंस और सरकार के काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीएससी के कामकाज की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि साल 2014 के बाद से गवर्नेंस और सरकार के काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव आया है. माननीय मंत्री ने कहा, “समाज के गरीब और वंचित वर्ग को सरकार की सुविधाओं को बिचौलियों के बिना पहुंचाया जा रहा है. 40 करोड़ लोगों के जन-धन अकाउंट खोले गए. यह संख्या पूरे यूरोप की आबादी के बराबर है. मोबाइल, आधार और जन-धन ने मिलकर समावेशी विकास का नया मॉडल स्थापित किया है. इसकी मदद से 30 लाख करोड़ रु. तक के सरकारी लाभ लोगों तक पहुंचे हैं. आज इसी विकास मॉडल में एक और आयाम स्थापित किया है-पैक्स अब देंगे सीएससी सेवाएं।

पैक्स और सीएससी की यह साझेदारी किसानों और नागरिकों को समृद्ध करेंगे

अतिथियों का स्वागत करते हुए सीएससी एसपीवी के प्रबंध निदेशक संजय राकेश ने कहा, “सीएससी की वजह से सरकार की सुविधाएं हासिल करने के लिए शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। 5 लाख से अधिक ऐसे केंद्र देश के दूरदराज इलाकों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पैक्स और सीएससी की यह साझेदारी किसानों और नागरिकों को समृद्ध करेंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और माननीय प्रधानमंत्री के सहकार से समृद्धि के विज़न को साकार करेगी। कार्यक्रम के दौरान, सचिव, सहकारिता मंत्रालय ज्ञानेश कुमार, सहकारिता मंत्रालय और आइटी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान पैक्स द्वारा सीएससी सेवाओं की डिलिवरी पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।

Sagar Karkare

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