Betul Police News : पुलिस कंट्रोल रूम में ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज पर कार्यशाला आयोजित, कार्यशाला में प्रदीपन चाइल्ड लाइन ने वर्ष 2012 से वर्तमान तक किए कार्यों का दिया प्रजेंटेशन
Betul Police News: Workshop on Online Child Sexual Abuse organized in Police Control Room, Pradipan Child Line gave a presentation of the work done from the year 2012 till present in the workshop
बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रदीपन चाइल्ड लाइन कर रही चैलेंजिंग कार्य : एसपी
Betul Police News : (बैतूल)। प्रदीपन चाइल्डलाइन बैतूल ने कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन नई दिल्ली के सहयोग से पुलिस कंट्रोल रूम में ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज पर कार्यशाला का आयोजन किया।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी, अपर कलेक्टर श्यामेंद्र जायसवाल, डीएसपी पल्लवी गौर, एसडीओपी सृष्टि भार्गव, तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव, किशोर न्याय बोर्ड से सदस्य नीतू चढ़ोकार, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष कपिल वर्मा, सदस्य हीरेंद्र शर्मा, शलभ वर्मा तथा जिला श्रम विभाग से चन्द्रकिशोर बन्सोड़ श्रम निरिक्षक, वन स्टाफ सेंटर प्रबंधक अनामिका तिवारी, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिकारी सोमनाथ राय, महिला परिवार परामर्श केंद्र सदस्य मीरा एंथोनी, तूलिका पचौरी, प्रत्याशा सेवा समिति, आवाज़ संस्था जिला समन्वयक, जनसाहस संस्था जिला समन्वयक, सभी थाने के बाल कल्याण अधिकारी, महिला ऊर्जा डेस्क प्रभारी उपस्थित रहे।
जिला स्तर पर आयोजित कार्यशाला के उददेश्य को संस्था की डायरेक्टर श्रीमती रेखा गुजरे ने ऑनलाइन सेक्सुअल एब्यूज से बच्चों पर होने वाले दुष्प्रभाव व सुरक्षा की आवश्यकता पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यशाला के दौरान प्रदीपन चाइल्ड लाइन द्वारा किए गए वर्ष 2012 से वर्तमान तक कार्यों का प्रजेंटेशन किया गया।
बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस हमेशा तत्पर
बच्चों की सुरक्षा को लेकर एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हेतु संस्था द्वारा किये जाने कार्य बहुत ही सराहनीय है और चेलेजिगं है।जहां पर भी बच्चो की सुरक्षा संबंधी पुलिस के सहयोग की आवश्यकता है या बच्चों से संबंधी जो भी गंभीर समस्या है, जिसमें पुलिस विभाग की आवश्यकता महसूस हो रही है तो आप पुलिस की मदद ले। पुलिस विभाग आपको हर समय मदद करेगा। ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम के लिए भी आप पुलिस प्रशासन का सहयोग ले सकते हो ताकि हम अधिक से अधिक लोगों तक बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता ला सकें, जिसके लिए पुलिस प्रशासन से संपर्क करने के लिए कहा गया।
पीड़ित व्यक्ति प्रदान की जाएगी निशुल्क विधिक सहायता
अपर कलेक्टर श्यामेंद्र जायसवाल ने कहा बच्चों की सुरक्षा के लिए जहां भी प्रशासन की जरूरत है, आप संपर्क करिए प्रशासन आपके साथ में हमेशा हर समय मदद के लिए तैयार रहेगा। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिकारी सोमनाथ राय द्वारा विधि विधिक सेवा योजनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा योजना के तहत पीड़ित व्यक्ति को निशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाएगी, पॉक्सो के मामले में मध्यप्रदेश पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़ित बच्चों को विधिक सेवा से पीड़ित प्रतिकर राशि का प्रावधान है जिसके लिए पीड़ित व्यक्ति सीधे विधिक सेवा में अपना आवेदन कर सकता है, उन्होंने यह भी बताया कि पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर राशि प्रदान करने न्यायालय का अधिकार है।
सदस्य नीतू चढ़ोकार द्वारा किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका पर जानकारी दी, कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी बच्चे को थाने में नहीं रख सकते यदि कोई अपचारी बालक है तो उसे 24 घंटे के अंतर्गत किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत कराया जाए।
सहयोग नहीं मिलने पर सीनियर अधिकारी से करें शिकायत
कार्यशाला में एसपी ने कहा कि ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम के लिए भी आप पुलिस प्रशासन का सहयोग ले सकते हो ताकि हम अधिक से अधिक लोगों तक बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता ला सकें, जिसके लिए पुलिस प्रशासन से संपर्क करने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि यदि सहयोग नहीं मिलता है तो आप सीनियर अधिकारी से सीधे संपर्क करें, अपर कलेक्टर श्यामेंद्र जायसवाल ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कहा की जहां भी प्रशासन की जरूरत है आप संपर्क करिए प्रशासन आपके साथ में हमेशा हर समय मदद के लिए तैयार रहेगा।
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिकारी सोमनाथ राय ने विधि विधिक सेवा योजनाओं पर संस्था कार्यकर्ता एवं बाल कल्याण अधिकारियों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा योजना के तहत पीड़ित व्यक्ति को निशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाएगी। पॉक्सो के मामले में पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़ित बच्चों को विधिक सेवा से पीड़ित प्रतिकर राशि का प्रावधान है जिसके लिए पीड़ित व्यक्ति सीधे विधिक सेवा में अपना आवेदन कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर राशि प्रदान करने हेतु न्यायालय का अधिकार है। सदस्य नीतू चढ़ोकार ने किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी बच्चे को थाने में नहीं रख सकते यदि कोई अपचारी बालक है तो उसे 24 घंटे के अंतर्गत किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत कराया जाए, बोर्ड बच्चों के हित को देखते हुए आगे कार्रवाई कर सकें।
वन स्टॉप केंद्र प्रभारी अनामिका तिवारी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से किस प्रकार से गलत आईडी का उपयोग कर बच्चों को ब्लैकमेल किया जा रहा है, बच्चे अपनी समस्या को पालकों से शेयर नहीं कर पाते और मुसीबत में फंस जाते हैं इसकी सुरक्षा को लेकर हमें ग्रामीण स्तरों पर इस जागरूकता को लाना चाहिए, अपना मोबाइल किसी को भी उपयोग के लिए ना दें, आपकी आईडी का गलत उपयोग हो सकता है।
सोशल मीडिया पर अपलोड ना करें बच्चों की फोटो
डीएसपी पल्लवी गौर ने ऑनलाइन सेक्सुअल एब्यूस पर बताया कि माता पिता बच्चों की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड न करें, बच्चे की गोपनीयता खत्म हो जाती है, बच्चों को ऑनलाइन गेम से दूर रखें, ऑनलाइन गेम द्वारा बच्चों से अपरिचित व्यक्ति दोस्ती कर लेता और बच्चों को अपने जाल में फंसा लेता और सोशल मीडिया पर बच्चों की फोटो अपलोड करने हेतु धमकी देकर बच्चों का गलत उपयोग करता है। बच्चों की शिक्षा के लिए उनकी मोबाइल से दूरी बनाकर रखें। माता पिता की निगरानी में ही मोबाइल का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि गलत आईडी का उपयोग कर बच्चों को ब्लैकमेल किया जा रहा है, बच्चे अपनी समस्या को पालकों से शेयर नहीं कर पाते और मुसीबत में फंस जाते हैं, इसकी सुरक्षा को लेकर हमें ग्रामीण स्तरों पर इस जागरूकता को लाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती रेखा गुजरे ने सबका आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में संस्था के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



