Betul Politics News : निलय भिया, आप भी हवा में हो..!!
Betul Politics News : राम मंदिर के लिए निधि संग्रह और माँ ताप्ती यात्रा से ही क्या मिल जाएगी जीत?
- _हेमंत अंकल को हलके में लेना निलय भैया को कही भारी न पड़ जाए..!!_
पिता और परिवार की पृष्ठभूमि से भी बाहर आना होगा डागा को, नई पीढ़ी इस सबसे अनभिज्ञ_
निलय भैया, यू तो आप सदैव जमीन पर रहे हो लेकिन चुनाव में आप हवा में हो। ऐता में नही कि आपको जानने, मानने और समझने वाले कह रहे हैं। आप और आपकी टीम को लगता है कि हेमंत अंकल के आ जाने से हम तो चुनाव जीत ही गए हैं। उसी लिहाज से आपका चुनाव चल रहा हैं। आपको लगता है ” राम मंदिर निधि संग्रह” यहाँ वैसे ही ख़ारिज हो जायेगा । क्योंकि अब भाजपा के बिग ब्रांड नेता और भाजपा को समूचे देश और विदेश में चछु ओर नाम दिलाने वाले नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि एंट्री से सब बदल जायेगा। क्योंकि जनता भी जानती है कि राम मंदिर भाजपा यानि मोदी ने ही जनता का सपना साकार किया है।
हेमंत अंकल के लिए समूची भाजपा मैदान में, संघ-संगठन की चल रही घर घर दस्तक
वो दौर अलग था वह वक्त कुछ और था उस वक़्त हेमंत अंकल से उन्ही के पार्टी के कार्यकर्त्ता नाराज़ थे। लेकिन उन्होंने इन पांच सालों में सभी बागियों को रास्ते लगा दिए। अब तो उनकी भी एक सेना खड़ी है जो कार्यकर्ताओ से भी ऊपर बैठी है जो चारों ओर नज़र गढ़ाये बैठी है उनके लिए।
चहेतों के जरिये ही चुनाव जीतने का प्लान भारी पड़ सकता हैं, ठोस व जमीनी नेता कार्यकर्ता नदारद
आप और आपकी टीम कुछ चुनिंदा नेताओं और कार्यकर्ताओं के ही दम से किला लड़ाने निकले हैं। अच्छी बात है, “वफ़ादारों” पर भरोसा जरूरी है लेकिन लेकिन ये नही भूले कि ये सीट एक एक वोट की लड़ाई लड़ती हैं। ऐसे में ज़मीनी मजबूत नेता और कार्यकर्ता के बगेर कैसे चुनावी वैतरणी पार होंगी? गंज वाला बेल्ट आपको नही पता कि किस तरफ झुकेगा? फिर बस स्टैंड से लेकर थाने चौक , सीमेंट रोड़ वाले बेल्ट में सन्नाटा पसरा है। नार्थ तोड़ा, साउथ तोड़े या कबूतरखाना, कटकटपुराके भरोसे अब चुनाव नही लड़ा जा सकता। न अब गाँधी चौक वैसा दम भर पायेगा, न मुर्गी चौक , आजाद वार्ड , कोठी बाजार बाज़ार। न सदर बाज़ार, गंज।
आपका चुनाव जीतना इन इलाकों के भरोसे होता जा रहा है, उतना “सनातन” आपके सामने खड़ा होता जा रहा हैं। इसका इल्म शायद आपको नही हो लेकिन गौर से सुनते तो प्रदेश के मुखिया ने भी सनातन की ही राग छेड़ी थी। उसके बाद से ही “सनातन” घर-घर दस्तक दे रहा हैं। इस काम मे आप जानते ही हो “भगवा वाहिनी” को महारथ हासिल हैं। बैतूल में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के साथ इसका आगाज़ हो चला है और आप जानते ही हो कि ” आपला मानुष” के लिए देश-धर्म पहले है, फिर दल और दिल। और फिर आपके इलाके में भी तो वो ही गूंज रहा हैं, जो सब तरफ है- देश, धर्म हित मे ज्यादा से ज्यादा करे मतदान।
स्व.डागा जी की पुण्याई पार पा लेंगे?
भैय्या आपको पूरे शहर से अतिरिक्त मान मिला हैं। कारण है आपके पूज्य पितृ चरण स्व विनोद डागा जी। उनका नाम, काम, मिज़ाज और शहर से याराना ऐसा रहा है कि आपको सबने हाथों हाथ लिया। मीडिया घरानों से भी आपको अतिरिक्त आशीर्वाद मिला। लेकिन क्या सिर्फ पिता की पुण्याई से ही आप चुनाव से पार पा जाएंगे? क्षेत्र में वोटर्स की एक नई पीढ़ी ऐसी तैयार हो गई है जो “चाचाजी” के नाम काम और पुरुषार्थ से अनभिज्ञ है। आपकी सहजता, सरलता, सौम्यता और उपलब्धता जरूर आत्मविश्वास बढ़ाती है लेकिन ये विश्वास, कही न कही अति आत्मविश्वास की जगह लेता जा रहा हैं। अन्यथा यथार्थ योद्धा ये सब न लिखता। हम इन दिनों चुनाव मैदान की जमीनी हक़ीकत और कौन कितने पानी मे ही बता, दिखा, लिख रहे हैं।



