Betul Samachar : आरडी स्कूल में आयोजित पेरेंटिंग वर्कशाप में शामिल हुए 2500 अभिभावक
Betul Samachar: 2500 parents participated in the parenting workshop organized in RD School.
शिक्षाविद्-काउंसलर मनीषा महात्मे ने सिखाये पेरेंटिंग के गुर, पेरेंटिंग में आने वाली समस्याओं का किया निराकरण

Betul Samachar : (बैतूल)। बच्चों के भविष्य निर्माण में स्कूल एजुकेशन के साथ ही पेरेंटिंग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। गुड पेरेंटिंग के बगैर बच्चों के चहुमुखी विकास और भविष्य निर्माण में अनेक समस्यायें आती है। बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए संकल्पित प्रतिष्ठित आरडी पब्लिक स्कूल बैतूल द्वारा पेरेटिंग के विभिन्न पहलुओं से अभिभावकों को रूबरू करवाने के लिए पेरेटिंग वर्कशॉप का अनूठा आयोजन किया गया।
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तीन दिनों तक चली वर्कशॉप के आठ सेशनों में आरडी पब्लिक स्कूल बैतूल में कक्षा एक से 5वीं कक्षा तक अध्ययनरत् बच्चों के लगभग ढाई हजार अभिभावक शामिल हुए। पेरेंटिंग वर्कशॉप में नागपुर (महाराष्ट्र) की प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं काउंसलर श्रीमती मनीषा महात्मे नें अभिभावकों को पेरेटिंग के गुर सिखाये। साथ ही पेरेटिंग में आने वाली समस्याओं का समाधान किया।
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अच्छा कम्यूनिकेशन रखें, जिद को करें कन्ट्रोल
आरडी पब्लिक स्कूल बैतूल में आयोजित पेरेटिंग वर्कशॉप में अभिभावकों ने बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने, पढ़ाई, खेल सहित अन्य विधाओं में अभिरूचि पैदा करनें, व्यवस्थित दिनचर्या, मोबाईल के अधिक उपयोग, आत्मविश्वास बढ़ाने, पोष्टिक खानपान, संस्कार, सामाजिक सरोकार, भविष्य निर्माण सहित पेरेंटिंग से जुड़ी अन्य समस्याओं से अवगत कराकर समाधान पूछा। अभिभावकों द्वारा बताई गई समस्याओं के बारे में प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं काउंसलर श्रीमती मनीषा महात्मे ने उन्हें विस्तार से समाधान बताये।
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श्रीमती महात्मे ने अभिभावकों को पेरेंटिंग का मूल मंत्र बताया कि वे अपने बच्चों से अच्छा कम्यूनिकेशन रखें तथा बच्चों द्वारा की जाने वाली अनावश्यक जिद (डिमांड) को तुरंत पूरा करने की बजाये उस पर कन्ट्रोल रखें। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चे अपने माता-पिता एवं अन्य परिजनों को देखकर ही बड़े होते है।
इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखनें कि पालकगण स्वयं नियमित दिनचर्या, संस्कारों, संस्कृति, उचित खान पान, मोबाईल, टीव्ही, सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल से दूरी आदि को अपनी लाइफ स्टाइल में शामिल करें तभी हम बच्चों से इसकी अपेक्षा कर सकते है। काउंसलर श्रीमती मनीषा ने अभिभावकों से कहा कि वे अपने बच्चों से कम्यूनिकेशन गैप न रखें बल्कि उनसे सतत संवाद कर उनकी सफलताओं के साथ ही समस्याओं में भी भागीदार बनें तथा समस्याओं का निराकरण करें।
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बच्चों द्वारा की गई गल्तियों पर डाटनें फटकारने एवं पनिशमेंट देने की बजाये उन्हें गल्तियों से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराकर समझाइश देनें के साथ ही वार्निंग दें। बच्चों को पढ़ाई सहित अन्य गतिविधियों के लिए मार्गदर्शन दें और प्रोत्साहित करें। मोबाईल टीव्ही, सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल, फास्टफूड खाने पर रोक लगाये। बच्चों को हरी सब्जी, फल सहित अन्य पोष्टिक खाद्य पदार्थाें की उपयोगिता और इनके उपयोग से होने वाले फायदों की जानकारी दे जिससे वे इनके उपयोग के लिए प्रेरित हो सके।
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बच्चों के भविष्य निर्माण में नैतिक जिम्मेदारी अदा करें पेरेंटस-ऋतु खण्डेलवाल
आरडी पब्लिक स्कूल बैतूल में आयोजित पेरेंटिंग वर्कशॉप में स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती ऋतु खण्डेलवाल ने पेरेंटिंग को लेकर अभिभावकों से वन टू वन चर्चा की। उन्होंने पालकों से कहा कि बच्चें स्कूल में लगभग 6 घंटे रहकर पढ़ाई सहित अन्य गतिविधियों में सहभागिता करते है। उन्होंने कहा कि हम बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के साथ ही उनकी अभिरूचि के अनुसार अन्य विधाओं का मार्गदर्शन तथा जीवन कौशल-व्यवसायिक कौशल का प्रशिक्षण भी देते है। जिससे बच्चों का भविष्य निर्माण हो सके।
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उन्होंने कहा कि बच्चे लगभग 18 घंटे तक अपने घर में माता-पिता सहित अन्य परिजनों के साथ रहते है। इसलिए बच्चों के भविष्य निर्माण में पेरेंटस की भी नैतिक जिम्मेदारी रहती है। डायरेक्टर श्रीमती खण्डेलवाल ने कहा कि बच्चों के चहुमुखी विकास और भविष्य निर्माण में पेरेंटिंग की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने पालकों से कहा कि बच्चों को शैक्षणिक सहित अन्य गतिविधियों के लिए भी प्रोत्साहित करें।
बच्चों को भरपूर सपोर्ट करें लेकिन अनावश्यक जिद को पूरा करने की बजाये बच्चों द्वारा की जाने वाली जिद के मनोविज्ञान को समझकर बच्चों को दुष्परिणामों से अवगत कराकर जिद करने की हेबिट को खत्म करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार, संस्कृति, सामाजिक सरोकार, भावनात्मक जुड़ाव भी सिखायें।
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