Betul Samachar : बुद्ध विहार में छत्रपति शाहूजी महाराज का आरक्षण दिवस मनाया, छत्रपति शाहूजी महाराज ने राजा होते हुए भी दलित और शोषित वर्ग के कष्ट को समझा: धर्मेंद्र सातपुते
Betul Samachar: Chhatrapati Shahuji Maharaj's reservation day was celebrated in Budh Vihar, Chhatrapati Shahuji Maharaj, despite being a king, understood the suffering of Dalit and exploited class: Dharmendra Satpute
Betul Samachar : (बैतूल)। बहुजन समाज पार्टी ने बुद्ध विहार कालापाठा में आरक्षण के जनक छत्रपति शाहूजी महाराज का आरक्षण दिवस मनाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जीआर पटेल जिला अध्यक्ष बैतूल द्वारा शाहूजी महाराज के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया। उन्होंने बताया कि छत्रपति शाहू जी महाराज द्वारा अपने राज्य में पिछड़ा वर्ग को 26 जुलाई 1902 को आरक्षण लागू किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता जादोराव सूर्यवंशी, विधानसभा अध्यक्ष ने की।
कार्यक्रम में धर्मेंद्र सातपुते द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर सदस्य हर्षित चांदेकर, अमर सिंह खातरकर, सी नागले, एमएल पाटिल, सुनील नागले, रमेश उबनारे, श्रीपद झरबड़े, गणपति सूर्यवंशी, किशोर पाटिल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बसपा के धर्मेंद्र सातपुते ने कहा कि छत्रपति शाहू महाराज ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने राजा होते हुए भी दलित और शोषित वर्ग के कष्ट को समझा और सदा उनसे निकटता बनाए रखी। उन्होंने दलित वर्ग के बच्चों को मुफ़्त शिक्षा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की थी। गरीब छात्रों के छात्रावास स्थापित किये और बाहरी छात्रों को शरण प्रदान करने के आदेश दिए। 1902 में उन्होंने अपने राज्य में आरक्षण लागू कर दिया था। जो एक क्रांतिकारी कदम था, उन्होंने सरकारी नौकरियों में बहुजनों के लिए 50 प्रतिशत लोगों को आरक्षण देने का फैसला किया था। देश में आरक्षण की यह पहली व्यवस्था थी।



