Betul News : 50 वर्ष पुराना कुआं दबंगो ने जेसीबी से किया धराशाई, वन ग्राम सिहारी का मामला, पीड़ित ने डीएफओ से की शिकायत
Betul News: 50 year old well demolished by bullies with JCB, case of forest village Sihari, victim complains to DFO

Betul News : (बैतूल)। उत्तर वन मंडल अंतर्गत आने वाले वन ग्राम सिहारी में लगभग 60 वर्ष से काबिज शंकर पिता भादू यादव के 50 वर्ष पुराना कुआ दबंगों द्वारा जेसीबी से धराशाई कर दिया गया। इस मामले की शिकायत पीड़ित शंकर यादव ने उत्तर वन मंडल के डीएफओ से की है। शिकायत आवेदन में उन्होंने परंपरागत वनवासी वन अधिकारों के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
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शिकायतकर्ता शंकर पिता भादु यादव ने आवेदन में छोटे पिता टुटू, बल्लु पिता गौरे के खिलाफ जेसीबी मशीन से कुआं धरासाई करने का आरोप लगाया। आवेदन में उन्होंने बताया कि धाराखोह के अमर पाटिल के इशारे पर कुआ ध्वस्त किया गया। कुआ लगभग 40 से 50 वर्ष पुराना था, जिसकी लागत लगभग 1 लाख 50 हजार है। कुआ 35 हाथ गहरा था।
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उन्होंने बताया कि दबंगों द्वारा बाडी में भी खेती नहीं करने दी जा रही है, इसके चलते वे ग्राम चिखली में पुत्र के पास रहते है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी ने अनावेदक छोटे द्वारा अनाधिकृत रूप से बनाई गई झोपड़ी तोडी थी, लेकिन वह अभी भी वहीं पर गाय, भैंस बांध रहा है। छोटे द्वारा रंजीश के कारण उनका कुआं ध्वस्त किया गया और अब उनकी जगह पर अनाधिकृत कब्जा किया जा रहा है।
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आवेदक ने अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि अनुसूचित जन जाति एवं अन्य परम्परागत वन वासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 वन में निवास करने वाली अनुसूचित जनजाति तथा पीढ़ियों से निवास करने वाले अन्य परम्परागत वनवासियों के व्यक्तिगत एवं सामुदायिक अधिकारों को अभिलिखित कर मान्यता प्रदान करने हेतु बनाया गया है।
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इस अधिनियम की धारा 3 में विभिन्न वन अधिकार उल्लेखित हैं, जिसमें उन्हें वन भूमि को धारण करने, जीवन यापन के लिए कृषि करने, निस्तार करने, लघुवनोपज संग्रहित करने आदि के अधिकार सम्मिलित है। आवेदक का कहना है कि वह परंपरागत वनवासी है, उनकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, उनकी संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया गया। उन्होंने अधिनियमों के अनुसार अनावेदक के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।



