Betul Crime News : फर्जी हस्ताक्षर से एलआईसी की 8 लाख रुपये की राशि हड़पने का मामला, बुजुर्ग महिला ने लगाई न्याय की गुहार शाखा प्रबंधक सहित थाना प्रभारी के खिलाफ लगाए मिली भगत के आरोप
Betul Crime News : Case of embezzling Rs 8 lakh from LIC through fake signature, elderly woman appeals for justice Allegations of collusion leveled against the branch manager and the station in-charge
बैतूल। सारनी थाना क्षेत्र में अमानत में खयानत करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला की एलआईसी पॉलिसी से 8 लाख 71 हजार रुपये की राशि फर्जी हस्ताक्षर करके निकाल ली गई है। यह आरोप महिला की सगी छोटी बहू पर लगा है, जिसने यह धोखाधड़ी की। पॉलिसी धारक महिला के पुत्र नरेश झरबडे ने बताया कि बीमा की अवधि पूरी होने पर जब उन्होंने अपनी पॉलिसी की राशि प्राप्त करने की कोशिश की, तब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित बुजुर्ग महिला, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते पहले से ही परेशान हैं। ऐसी स्थिति में बुजुर्ग महिला की बड़ी बहू सपना, पति नरेश झरबडे ने आईजी होशंगाबाद और बैतूल एसपी को आवेदन देकर न्याय की मांग की है। सपना ने बताया कि उनकी सास इस धोखाधड़ी के कारण मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजर रही हैं और न्याय की आस लगाए बैठी हैं। शिकायत आवेदन में आवेदिका ने बताया कि उनकी सास प्रभा झरबड़े की एल.आई.सी. पॉलिसी की राशि लगभग 8 लाख 71 हजार उनकी देवरानी प्रियंका झरबड़े ने फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अपने बैंक खाते में प्राप्त कर ली है, उसके इस गलत कार्य में एल.आई.सी. के शाखा प्रबंधक एवं उसके भाई अखिलेश पंडोले भी सम्मिलित है, एल.आई.सी. के विभागीय क्लैम फॉर्म पर यह तीनों व्यक्तियों के हस्ताक्षर है। उन्होंने बताया कि इस घटना के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त किये है।
— समझौता करने के लिए दबाव बना रही पुलिस —
आवेदिका सपना ने बताया विगत 29 मार्च को लगभग शाम सात बजे थाना प्रभारी सारनी ने उनके पति को पुलिस थाना सारनी बुलाया और उन्हें इस घटना में समझौता करने के लिये बहुत प्रेशराइज़ किया। पति और मेरे साथ बहुत अभद्र व्यवहार किया और यह कहा कि समझौता नही करोगे तो नरेश झरबड़े को दुराचार के झूठे प्रकरण में फंसा देंगे। अखिलेश पंडोले बीजेपी नेता है और थाना प्रभारी सारनी के रिश्तेदार है, वह जैसा बोल रहे थे थाना प्रभारी सारनी वैसा ही कर रहे थे। इस घटना की सत्यता थाने के सी.सी.टी.वी. फुटेज में दिख जाएगी। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में वह अपने पति के साथ सारनी थाने में उपस्थित थीं। थाना प्रभारी सारनी अरविन्द कुमरे प्रियंका एवं अखिलेश पंडोले को बचाने की कोशिश कर रहे है।
— पुलिस की निष्क्रियता को लेकर उठ रहे सवाल–
गौरतलब है यह घटना समाज में विश्वासघात और वित्तीय अपराध की गंभीरता को उजागर करती है। पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से जल्द से जल्द कार्रवाई करने और दोषियों को सजा दिलाने की अपील की है। इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उच्च अधिकारी जल्द ही इस पर ध्यान देंगे और उचित कार्रवाई करेंगे। इस प्रकार की घटनाएं न केवल व्यक्ति विशेष के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चिंताजनक हैं। न्याय प्राप्त करने के लिए पीड़ित परिवार ने न्यायालय जाने का निर्णय लिया है।



