Betul BJP News: 15 करोड़ रुपये का चंदन, घिस रहे भाजपा के नंदन, बैतूल बाजार नगर परिषद में करोड़ों की जल आवर्धन योजना का कर दिया बंटाधार
Betul BJP News: Sandalwood worth Rs 15 crores, BJP's Nandan getting eroded

Betul Samachar : (बैतूल)। अनुशासित और अपने आप को भ्रष्टाचार के मामलों में पाक साफ बताने वाली भाजपा की जमीनी हकीकत देखनी हो तो जिला मुख्यालय से चंद किलोमीटर दूर बैतूल बाजार में देखी जा सकती है। इस नगर परिषद में करोड़ों रुपये खर्च कर शुरू की गई जल आवर्धन योजना की ऐसी मट्टी पलित की गई है कि, यदि इसकी प्रशासन सूक्ष्मता से जांच करवा लें तो तत्कालीन अधिकारी, कर्मचारी सहित तत्कालीन जनप्रतिनिधियों के कर्मकांड सामने आ जाएंगे, हालात ये हैं कि, बैतूल बाजार वासियों को शुद्ध पेय जल घर घर उपलब्ध कराए जाने की योजना पूरी तरह धराशाई हो चुकी है, जितने घरों में पानी पहुंचाने के दावे किये गए थे वो सभी दावे आज धरे की धरे रह गए।
परिषद में विधायक निलय डागा के प्रतिनिधि ललित राठौर ने पूरी योजना के क्रियान्वयन की जांच कर परिषद के तत्कालीन अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग की है।
15 करोड़ 78 लाख रुपये की रकम को तबियत से लगाया चूना(Betul BJP News )
नगर परिषद बैतूल बाजार में विधायक प्रतिनिधि ललित राठौर ने आरोप लगाते हुए बताया कि, भाजपा शासन काल में बैतूल बाजार में रहने वाले हजारों परिवारों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराए जाने के लिए मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट के तहत जल आवर्धन योजना की आधार शिला रखी गयी थी। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए शासन स्तर पर 15 करोड़ 78 लाख 37 हजार 86 रुपये स्वीकृत किये गए थे।
टेंडर होने के बाद परिषद द्वारा 17 मई 2017 को इसका कार्यादेश भी जारी कर दिया गया था। जिसमे पाइप लाइन का बिछाव, प्लांट के निर्माण सहित ताप्ती नदी से बैतूल बाजार तक पानी लाये जाने के लिए पाइप लाइन का विस्तारी करण कार्य शामिल था। काम खत्म किये जाने की डेड लाइन जारी किए जाने के बावजूद इस कार्य को पूर्ण करने में ही करीब 5 साल का समय लगा दिया गया था।
कार्य पूर्ण होने के बाद इसका वर्चुअल लोकार्पण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कराया गया था। लेकिन ये शर्म की बात है कि, 15 करोड़ रुपये खर्च किये जाने के बावजूद आज स्थिति ये है कि, बैतूल बाजार के 80 प्रतिशत घरों में शुद्ध पेयजल सुचारू रूप से पहुंचाने में नाकामी ही हाथ लगी है, जिसके लिए सीधे तौर पर परिषद के तत्कालीन अधिकारी और जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं।

ललित राठौर का आरोप है कि करोड़ों खर्च किये जाने के बावजूद जब इस योजना के ये हाल हैं, तो निश्चित रूप से योजना के निर्माण में करोड़ों का भ्रष्टाचार किया जाना साफ प्रतीत हो रहा है। यदि इस योजना में भ्रष्टाचार नहीं किया जाता तो 15 करोड़ रुपये की यह योजना आज धरातल पर नजर आती, और नगर के हजारों परिवारों को बिना किसी व्यवधान के आसानी से शुद्ध पेय जल उपलब्ध हो पाता।
पाइपलाइन जगह जगह से लीकेज सड़कों का भी कर दिया हाल बेहाल(Betul BJP News )
इस पूरी योजना को किस तरह चूना लगाया गया है, इसके नजारे बैतूल बाजार नगर में देखे जा सकते हैं। विधायक प्रतिनिधि ललित राठौर ने बताया कि, 15 करोड़ की योजना आने के बाद भरस्टाचारी अधिकारियों और परिषद के जनप्रतिनिधियों की पूरी नजर नगर वासियों को दी जाने वाली सुविधा पर नहीं बल्कि कमीशनखोरी पर टिकी हुई थी।
पाइप लाइन बिछाये जाने के लिए नगर की सारी सड़कें खोद दी गयी और जो पाइप लाइन बिछाई गई थी आज वही पाइप लाइन जगह जगह से लीकेज होने लगी हैं। पानी सड़कों पर बह रहा है, नलों में पानी का फोर्स नहीं है। जिसका साफ मतलब है कि निर्माण कार्य करते समय मॉनिटरिंग किस तरह की गई होगी, गुणवत्ता तक का ध्यान नहीं रखा गया, और आसानी से सरकारी धन की बंदरबांट होती रही जिसका परिणाम आज बैतूल बाजार की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
दूषित जल के चलते बच्ची की चली गयी जान(Betul BJP News)
विधायक प्रतिनिधि ने भाजपा के तत्कालीन जनप्रतिनिधियों पर तगड़ा हमला करते हुए बताया कि, इससे ज्यादा शर्म की बात कोई दूसरी हो ही नहीं सकती कि इन भ्रष्टाचारियों के भ्रष्टाचार के चलते दूषित पानी पीने से एक मासूम बच्ची को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
करोडों रुपये खर्च किये जाने के बाद भी फिल्टर प्लांट से दूषित पानी की सप्लाई की गई और इस पानी को पीने के बाद कई लोग जहां बीमार हो गए तो वहीं एक बच्ची की मौत भी ही गयी, लेकिन इसके बावजूद इस गम्भीर मामले की शिकायत तो दूर जांच तक नहीं किया जाना उचित नहीं समझा गया, इससे साफ पता चलता है कि, भाजपा की सरकार और स्थानीय भाजपा के नेताओं को बैतूल बाजार वासियों की कितनी चिंता है।



