Reject Nagar Nigam Merger: नगर निगम में विलय के खिलाफ ढोक्या, पाढर के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
Reject Nagar Nigam Merger: Villagers of Dhokya and Padhar opened a front against the merger in the Municipal Corporation, submitted a memorandum to the Collector
Reject Nagar Nigam Merger: जिला मुख्यालय से लगे ग्राम ढोक्या पाढर और पाढर खुर्द के ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र को नगर निगम में शामिल किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय को जनभावनाओं के विपरीत बताया। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत डहरगांव ने उन्हें विश्वास में लिए बिना और बिना किसी पूर्व सूचना के गुपचुप तरीके से नगर निगम में विलय का प्रस्ताव पारित कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।
Reject Nagar Nigam Merger: ग्रामीणों का कहना
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ढोक्या पाढर और पाढर खुर्द की बैतूल शहर से दूरी लगभग 20 किलोमीटर है, जबकि वर्तमान पंचायत मुख्यालय डहरगांव शहर से करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित है। उनका कहना है कि पूर्व में राजनीतिक कारणों से दोनों गांवों को डहरगांव पंचायत में शामिल किया गया था, जबकि भौगोलिक दृष्टि से इन्हें अलग रखा जाना अधिक उपयुक्त था।
अब माचना नदी पर गढ़ा डैम बनने और पिछले दो वर्षों से उसमें जलभराव रहने के कारण पंचायत मुख्यालय से दोनों गांवों का सीधा संपर्क भी टूट चुका है।
Reject Nagar Nigam Merger: ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत संबंधी कार्यों के लिए अब उन्हें करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आमजन को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Reject Nagar Nigam Merger: संयुक्त आबादी लगभग 3000
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ढोक्या पाढर और पाढर खुर्द की संयुक्त आबादी लगभग तीन हजार तक पहुंच चुकी है, जो एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत के गठन के लिए पर्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दोनों गांवों को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव तत्काल निरस्त किया जाए। उनका कहना है कि या तो ढोक्या पाढर को स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए अथवा जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए किसी निकटवर्ती पंचायत में शामिल किया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में वे किसी भी स्थिति में नगर निगम का हिस्सा बनने के पक्ष में नहीं हैं।
Reject Nagar Nigam Merger: ज्ञापन सपने में यह थे शामिल
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से प्रहलाद दवंडे पाढर खुर्द, सतीश यादव, अर्जुन यादव, रघुनाथ अतुलकर, दिनेश यादव, लखन यादव, बसंत यादव, करण उइके, राकेश धुर्वे, गणपत खातरकर, जगन कापसे, भैयालाल, अमर दास, ईश्वर यादव, संतोष यादव, भागचंद गुजरे, रवि यादव, मनोज यादव, दयाशंकर धुर्वे, कमलेश यादव, कैलाश, रामदयाल यादव, संतु यादव, दिलीप गुजरे, नीलेश यादव,
शिवपाल, दीपक यादव, आनंद राव, बस्तीराम यादव, चंदन यादव, बाबू पंदराम, केसरी यादव, किशोर, शिवराम यादव, नितेश यादव, संतुलाल, रामपाल, रघुनाथ, मुन्ना, मन्नूलाल यादव, गरीबदास, परसराम, लक्ष्मी कवड़े, तुलसीराम, लक्ष्मण, महेश यादव, दयाराम, शिवकली, सुनील धुर्वे, रोशन, सुभाष, सुदामा यादव, संदीप इवने, श्रीराम यादव, अनिल खातरकर, मुरलीधर यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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