Indore News: इंदौर को मिलेगी नई रफ्तार: 64 किमी लंबा पश्चिमी बायपास, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू
Indore News: Indore will get new momentum: 64 km long western bypass, land acquisition process started
Indore News: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इंदौर के पश्चिमी बायपास के निर्माण की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। गुरुवार को छह लेन वाले इस मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की गई। बायपास की कुल लंबाई 64 किलोमीटर होगी, जिसमें पहले चरण में महू से हातोद तक के 34 किलोमीटर हिस्से में काम शुरू किया जाएगा।

पहले चरण का काम
पहले चरण में, आठ किलोमीटर हिस्से की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। यह हिस्सा देपालपुर तहसील के किशनपुरा, ललेंडीपुरा, बेटमा खुर्द और मोहना गांवों से होकर गुजरेगा। इन चार गांवों की 8.1257 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता सड़क निर्माण के लिए पड़ेगी। इसमें से 13 जगहों पर सरकारी जमीन है, जबकि 43 जगहों पर निजी जमीनों का अधिग्रहण होगा। बायपास के लिए कुल 19 गांवों की 400 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी।
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प्रोजेक्ट का महत्व
इस बायपास के निर्माण से आगरा-मुंबई राजमार्ग के वाहन, इंदौर अहमदाबाद, इंदौर नागपुर हाईवे, और इंदौर चित्तौड़गढ़ हाइवे की तरफ आसानी से जा सकेंगे। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और बाहरी रिंग रोड की सुविधा मिलेगी। महू के एबी रोड से शुरू होकर शिप्रा के समीप पूर्वी बायपास से जुड़ने वाले इस बायपास के बनने से शहर में एक पूरी बायपास रिंग तैयार हो जाएगी।
पूर्वी बायपास से कनेक्शन
इंदौर में 24 साल पहले पूर्वी बायपास का निर्माण किया गया था, और अब पश्चिमी बायपास भी इसी का विस्तार होगा। इस प्रोजेक्ट पर कुल 1500 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इसके अलावा, इस बायपास को पीथमपुर से भी कनेक्ट किया जाएगा, जिससे औद्योगिक क्षेत्र से भी सीधा जुड़ाव होगा।
निर्माण और सुविधाएँ
इस बायपास में चार बड़े ब्रिज और 15 से ज्यादा छोटे ब्रिज बनेंगे। निर्माण कार्य तीन साल में पूरा होने का अनुमान है। एनएचएआई इस बायपास पर टोल भी वसूलेगा, जिससे प्रोजेक्ट की लागत वसूली जा सकेगी और रखरखाव का खर्च भी निकल सकेगा।
इंदौर के पश्चिमी बायपास का निर्माण शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल ट्रैफिक समस्या का समाधान होगा, बल्कि शहर की परिवहन सुविधा भी बढ़ेगी। एनएचएआई द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से यह साफ है कि प्रोजेक्ट जल्द ही वास्तविकता में तब्दील होगा। आने वाले समय में यह बायपास इंदौर की संरचना को और भी मजबूत बनाएगा और लोगों के लिए सुविधाजनक आवागमन का साधन बनेगा।



