Tree Plantation : प्रकृति प्रेम : जयस प्रदेश संयोजक ने रोपा 156वा पौधा, वन संरक्षण विधेयक 26 जुलाई 2023 का जताया विरोध
Tree Plantation: Prakriti Prem: Jayas State Convenor planted 156th plant, expressed opposition to Forest Conservation Bill 26 July 2023
Tree Plantation : (बैतूल)। प्रकृति से बहुत प्रेम है, इसलिये जब भी समय मिलता है तो पौधे लगाते है, और कभी-कभी पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रमों में सम्मिलित होते है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत जयस प्रदेश संयोजक जामवंत सिंह कुमरे नेे बताया कि रविवार 30 जुलाई को उन्होंने मेंढाछिंदवाड़ आठनेर में 156 वा पौधा रोपण किया।
विगत 8 वर्षो से फॉर्म हाउस में प्रतिवर्ष फलदार पौधे आम, जाम, नीम, फूल से बगीचा तैयार किया गया है, पेड़ पौधों के पालन पोषण और सुरक्षा के लिये कड़े इंतेजाम भी किए है। उन्होंने बताया 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण को बचाने 156 वा पौधा लगाया।
कुमरे ने बताया कि हमें सभी चीजे प्रकृति से उपलब्ध होती है, जिसका इस्तेमाल करके आज मानव जीवित है और आराम और सुखदायी जीवन व्यतीत कर रहा है। पर्यावरण संरक्षण हमारा फर्ज है और इस जिम्मेदारी को हम सबको मिल कर निभाना चाहिए।
हमें जितना हो सके उतना पर्यावरण को दूषित होने से बचाना चाहिए और प्रदूषण को रोकने के उपायों को अमल में लाना चाहिए क्योंकि आज शहरीकरण, औद्योगिकरण और विकास के नाम पर बढ़ती आबादी की वजह से पेड़ो की की तेजी से कटाई हो रही है, जिसकी भरपाई हमें ही करना होगा।
26 जुलाई को वन संरक्षण विधेयक 2023 का विरोध जताया
कुमरे ने बताया कि आज विश्व ग्लोबल वार्मिंग की सबसे बड़ी चुनौती से जूझ रहा है, केंद्र सरकार ने 26 जुलाई 2023 को चुपके से वन संरक्षण विधेयक 2023 लोकसभा में पास करा दिया, जो वनाधिकार और पेसा एक्ट जैसे प्रावधानों को शिथिल कर देंगा।
आदिवासियो के जनप्रतिनिधियों को वनाधिकार कानून के बारे में जानकारी नही होने से वे इन विधेयकों का विरोध नही कर पाते, आज के युवा साथियों से आव्हान है कि जनप्रतिनिधियों से सवाल करें, नही तो अगली बार इन्हें मौका ना दे।।आज 70 वर्षों से जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने सैकड़ो विधेयक को सदन में पास करवा दिया और हमारे अधिकारों को खत्म या कमजोर कर दिया गया।



