बैतूल

Betul News Today: 14 साल से उम्मीद और आश्वासनों के बीच झूल रहा भाजी नदी का पुल

Betul News Today: Bhaji river bridge has been swinging between hopes and assurances for 14 years

कई सरकार आई और गई नहीं दिया ध्यान, अब जयस के नेतृत्व में ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

Betul News Today:(बैतूल)। आजादी के 76 वर्ष पूर्ण होने के बावजूद जिले की बोड़रैयत ग्राम पंचायत के बाशिंदों को पुल की सौगात नहीं मिल पाई है। ग्रामीण पिछले 14 सालों से इस पुल के निर्माण की उम्मीद लगाए बैठे है , लेकिन ग्रामीणों की उम्मीद आश्वासन के बीच झूल रही है। सोमवार ग्रामीणों सब्र टूट गया और उन्होंने जयस के नेतृत्व में मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। खबर लिखे जाने तक ग्रामीण सड़क पर बैठकर नारेबाजी कर रहे थे, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।

आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि जनपद पंचायत चिचोली अंतर्गत ग्राम बोडरैयत से गौलीढाना पहुंच र्ग में स्थित भाजी नदी पर रपटा सह पुलिया निर्माण कार्य वर्तमान तक नहीं किया गया है। पूर्व में ग्रामवासियों द्वारा ग्रामसभा में प्रस्ताव लिया। हरिशंकर खटीक तात्कालीन राज्यमंत्री आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग म.प्र. शासन को प्रस्तुत किया था। इस संबंध में तात्कालीन कलेक्टर बैतूल को पत्र क्रमांक 1535, 14 सितंबर 2009 के माध्यम से कार्यवाही कर अवगत कराए जाने के लिए निर्देश दिए थे।

किन्तु तात्कालीन कलेक्टर द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिसके संबंध में पुन: 2 अक्टूबर 2019 को ग्रामसभा का आयोजन कर ग्रामवासियों द्वारा प्रस्ताव जारी किया गया जिसकी प्रति माननीय सुखदेव पांसे पूर्व पीएचई मप्र शासन एवं वर्तमान विधायक विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 132 को पत्र के माध्यम से प्रदाय की गई। जिसके सम्बंध में भी विधायक द्वारा कलेक्टर महोदय को ग्रामवासियों की परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए पत्र क्र/विद्या/2019/729 3 अक्टूबर 2019 जारी कर उक्त कार्य को किए जाने के लिए अनुशंसा की गई थी। जिस पर भी आज दिनांक तक कलेक्टर द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।

आजादी को 76 वर्ष बीते, पुल का ठिकाना नहीं

आज वर्तमान में आजादी के 76 वीं वर्षगाठ पर सम्पूर्ण अखण्ड भारत में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। किन्तु मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की चिचाली जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत आज भी आजादी के 76 वर्ष पूर्ण होने पर भी मूलभूत सुविधाओं से कोसो दूर है। ग्राम पंचायत बोडरयत जनपद पंचायत चिचोली से 30 कि.मी की दूरी पर स्थित है।

इस ग्राम पंचायत में पहुंचने के लिए ग्रामवासियों को ग्राम बोड़रैयत से गौलीढाना के मध्य स्थित भाजी नदी को पार करके आवागमन करना होता है जिस पर बारिश के समय अधिक मात्रा में पानी नदी में आने से ग्रामवासियों एवं स्कूल पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को जान जोखिम में डाल कर पार करना पड़ता है, जिसका प्रमाण अखबारों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, किन्तु प्रशासन एवं शासन द्वारा 1 वर्ष पूर्ण होने पश्चात भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई है, जिसके संबंध में पूर्व में ज्ञापन प्रस्ताव एवं पत्रों के माध्यम से भी मंत्री, विधायक एवं उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।

जिस पर कोई ठोस कार्यवाही एवं आश्वासन नहीं मिल पाया है। ग्रामवासियों की परेशानियों को अनदेखा करने की स्थिति में ग्राम पंचायत बोहरैयत के ग्रामवासियों द्वारा 7 सितंबर 2022 को बैतूल- हरदा राष्ट्रीय राजमार्ग 59 पर आमापुरा जोड़ आलमगढ़ पर जयस संगठन चिचोली जिला बैतूल के नेतृत्व में एक दिवसीय आंदोलन किया था।

इन समस्याओं के निराकरण की मांग

1. ग्राम बोडरैयत से गौलीढाना पहुंच मार्ग में स्थित भाजी नदी पर रपटा सह पुलिया निर्माण कार्य किया जावे।

2. ग्राम आलमगढ़ से सेमलढोल पहुंच मार्ग पर पुलिया निर्माण कार्य एवं सड़क निर्माण कार्य ।

3. ग्राम गवासेन से महुकाल तक सड़क निर्माण कार्य सह पुलिया निर्माण कार्य ।

4. ग्राम टांगनामाल से बीजादेही मार्ग पर पुलिया निर्माण कार्य ।

5. मां चण्डी दरबार गोधना से दूधिया पहुंच मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य कर प्रधानमंत्री सड़क से जोड़ा जाये।

6. ग्राम सिंगारचावड़ी से मोतीपुर एवं मोतीपुर से भांडवा पहुंच मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य।

7. ग्राम चिरापाटला से लोधीढाना पहुंच मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य ।

8. ग्राम भोण्डियाखाप में बिजली की अनुपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुये बिजली पहुचाई जाये एवं सड़क निर्माण कार्य किया जावे।

9. ग्राम चिरापाटला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डाक्टर एवं उचित दवाईया उपलब्ध कराया
जाना आवश्यक है।

10. बैतूल – इन्दौर राष्ट्रीय राजमार्ग से ग्राम ढोल (ऊंचागोहान) पहुच मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य किया जाए।

11. वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के आवासीय पट्टों का शीघ्र अतिशीघ्र वितरण किया जाना आवश्यक है।

Sagar Karkare

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