बैतूल

Betul Samachar: राठीपुर से बोड़ीजोड़ तक जर्जर सड़क से आवागमन करना मजबूरी, ग्रामीणों के साथ किसान, स्कूल पढ़ने वाले बच्चों को हो रही परेशानी

Betul Samachar: Compulsion to travel by dilapidated road from Rathipur to Bodijod, farmers along with villagers, school going children are facing trouble

जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने ज्ञापन सौंपकर बताई समस्या

Betul Samachar: राठीपुर से बोड़ीजोड़ तक जर्जर सड़क से आवागमन करना मजबूरी, ग्रामीणों के साथ किसान, स्कूल पढ़ने वाले बच्चों को हो रही परेशानीBetul Samachar: (बैतूल)। जिला मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले ग्राम राठीपुर से खंडारा (किला) के ग्रामीण बदहाल सड़क से आवागमन करने को मजबूर है। बारिश के साथ ही इस सडक की सूरत बदल गई हैं। आलम यह हैं कि मार्ग में बड़े-बड़े गड्डों ने स्थाई स्थान बना लिया हैं। मार्ग में दलदल जैसी स्थिति बन गई हैं। मार्ग में पैदल चलना मुश्किल होता है। दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण ग्रामीण इस मार्ग से आवागमन करने के लिए मजबूर हैं।

सड़क निर्माण की मांग को लेकर शुक्रवार को जयस युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सोनू धुर्वे के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समस्या का निराकरण करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना कि एक ओर पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ग्रामीण सडक योजना से सडकों का जाल बिछाया जा रहा हैं तो इस मार्ग को क्यूं भुला दिया गया हैं जबकि स्थानीय लोगों के द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भलीभांति परिचित करा दिया गया हैं।

जयस कार्यकर्ता अमित उइके, कल्लू सिंह उइके, मनीष परते, अंकित परते, पप्पू सरियाम, मनोज परते सहित ग्रामीणों ने बताया कि विद्यार्थी ग्राम राठीपुर से खंडारा (किला) हाई स्कूल में पढ़ने के लिए जाते हैं, इसी बीच लगभग 3 किलोमीटर का रास्ता तय करना होता है, लगभग 2 किलोमीटर की सड़क कच्ची है, ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती हैं।

शिकायत के बाद संबंधित विभाग द्वारा निरीक्षण भी किया लेकिन समस्या आज भी मौजूद है। ग्रामीणों में रोष हैं, उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या पर ध्यान देते हुए शीघ्र ही पक्का मार्ग बनवाया जाए। किसान, स्कूली छात्र आने जाने के लिए इसी सड़क पर निर्भर हैं।

एंबुलेंस तक नहीं आ पाती

ग्रामीणों ने बताया कि बीमार हो जाएं तो गांव तक एम्बुलेंस नहीं आ पाती मुख्य मार्ग तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पडता हैं। रात में इस मार्ग से आवागमन करना जोखिम भरा होता हैं। बरसात में जहरीले जीव जंतुओं का डर हमेशा बना रहता हैं। बावजूद इसके इसकी फिक्र न तो स्थानीय प्रशासन को हैं और ना ही संबंधित विभाग को। कच्चा मार्ग होने के कारण जरा सी बरसात में यह मार्ग न केवल कीचड़ में तब्दील हो जाता बल्कि सामान्य मौसम में भी ऊबड खाबड के हालात बने रहते हैं। बारिश की वजह से कई स्थानों पर जलभराव जैसी नौबत हैं।

Sagar Karkare

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