बैतूल

Betul News : इस स्कूल में पढ़ने की जगह बच्चों से बजरी और दूसरे स्कूल में बर्तन धो रहा है बच्चों का बचपन

Betul News : Instead of studying in this school, children are washing gravel and utensils in another school.

बैतूल : शिक्षक ही बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करें तो बच्चों के भविष्य नहीं संवर सकता। बैतूल जिले के अधिकारीयों के कान में जू तक नहीं रेंग रही है जबकि बैतूल मुख्यालय पर ही सरकारी स्कूल के हालात ऐसे है की उसे बया करना भी गुनाह लगे। जिला मुख्यालय से महज 2 किमी से गौ ठाना स्थित स्कूल में बच्चों से एक शिक्षक द्वारा बजरी उठाने का कार्य करवाया जा रहा था। वही 5 किमी दूर सोनाघाती क्षेत्र के झाडेगांव में शिक्षकों द्वारा प्राईमरी और एकीकृत शाला के बच्चों से झूठे बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। जबकि नियमानुसार इसके लिए अलग से कर्मचारी की नियुक्ति होती है।

मध्यप्रदेश सरकार बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है तथा मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकार की इन्हीं योजनाओं में एक योजना मध्याह्न भोजन है। जिसमें सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल के बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है। भोजन बनाने के लिए व बर्तनों की साफ सफाई के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है। परंतु कुछ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा इस पर पलीता लगाया जा रहा है। सोनाघाती क्षेत्र के गांव झगड़िया के प्राथमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक द्वारा स्कूल के बच्चो़ से झूठे बर्तन धुलवाए जा रहे है़।

छात्र-छात्राओं से झूठे बर्तन धुलवाए जा रहे

झगड़िया के प्राथमिक शाला और इंदिरा कॉलोनी एकीकृत शाला के प्रधानाध्यापक द्वारा खुलेआम योजना को पलीता लगाया जा रहा है। प्रधान अध्यापक द्वारा विद्यालय प्रांगण में छात्र-छात्राओं से झूठे बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। इस घटना को कैमरे में कैद करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को देखकर प्रधानाध्यापक ने झूठे बर्तन धोते बच्चों से बर्तन धोने के लिए मना किया ।जब प्रधान अध्यापक से जानकारी की तो वह कोई जवाब नहीं दे पाए।

Sagar Karkare

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