Shri Shiv Mahapuran katha : पैसे से सुख प्राप्त कर सकते है, आनन्द की प्राप्ति नही: गुरुदेव नरेन्द्र परसाई
Shri Shiv Mahapuran katha: Happiness can be achieved with money, happiness cannot be achieved: Gurudev Narendra Parsai
श्री शिव महापुराण के अंतिम दिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की एवं अभिमंत्रित रुद्राक्ष प्राप्त किए

Shri Shiv Mahapuran katha : (बैतूल)। श्री विश्वकर्मा मंदिर प्रांगण में चल रही श्री शिव महापुराण के अंतिम दिन नर्मदापुरम से पधारे बड़े गुरुदेव नरेन्द्र परसाई द्वारा श्रद्धालुओं को जीवनोपयोगी सीख देते हुए कहा कि आप पैसे से सुख प्राप्त कर सकते है, किंतु आनन्द की प्राप्ति नही कर सकते है।
आनंद सिर्फ भगवत भक्ति करने वालो को ही मिलता है। आप चाहे अभाव में भी रहो, और भगवान भक्ति करो तो आपको परम् आनंद की प्राप्ति होगी। जो भी पुरुषोत्तम मास में शिव पुराण का श्रवण करता है , उसकी समस्त मनोकामना पूर्ण होती है। भगवान की सदा भक्ति करें और अपने इष्ट लोगो का सदा आदर करना चहिये। हमें हमेशा पौधा रोपण करना चाहिए।
उसके बाद कथा आरम्भ करते हुए व्यासपीठ पर बैठे भागवत भूषण आचार्य पुष्कर परसाई ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की ज्योति से उतपन्न होने वाले काल के स्वरूप दिखने वाले गण का नाम काल भैरव रखा। और उन्हें वर दिया कि तुम समस्त पाप को हरोगे, इसलिए तुम्हारा नाम पाप हरण भी होगा, तुम काशी में काशी के अधिपति के रूप में निवास करोगे। यदि कोई भी काशी जाता है तो उसे काल भैरव के दर्शन करना आवश्यक होता है, वरना दर्शन का कोई फल नही मिलता है।

(Shri Shiv Mahapuran katha)भैरव अष्टमी को काल भैरव की पूजा काशी में रहकर करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते है। शिव के साथ सदा शक्ति भी वास करती है। भगवान कभी अकेले नही आते है। जिस व्यक्ति के चारो ओर बिल्व वृक्ष होते है, उसके घर की रक्षा महादेव करते है। हमें बिल्व वृक्ष लगाना चाहिए। सज्जनों की निंदा करने वाला पाप का भोगी होता है। तदोपरांत आचार्य द्वारा द्वादश ज्योतिर्लिंगों की कथा का विस्तृत में वर्णन किया। और बताया कि जो सच्चे मन से महाकाल की पूजा करता है, उसके पापों को भगवान हर लेते है।
महाराज द्वारा गंगा और माता अनुसुइया की कथा भी सुनाई। उसके बाद चंद्रमा की कलाओं की कहानी भी सुनाई गई। इसी क्रम में अंतिम समय मे किये गए दान की कथा बताते हुए कहा कि हमें दान करना चाहिए, जिसके फल की प्राप्ति मरने के बाद भी मिलती है। बैतूल निवासी वरिष्ठ समाजसेवी और श्री विश्वकर्मा समाज समिति संरक्षक श्रीमती सुशीला स्व.रामाधार मालवी द्वारा भंडारा प्रसादी हेतु 50 हजार रुपये का दान दिया गया।
(Shri Shiv Mahapuran katha)कथा में अतिथि के रूप में बैतूल के पूर्व सांसद पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल, सांसद डीडी उइके, कोठीबाजार मण्डल अध्यक्ष विक्रम वैद्य, कैलाश बंडू धोटे, नागरिक बैंक अध्यक्ष अतीत पवार, नगरपालिका बैतूल अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर, विधायक निलय डागा, भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती ममता मालवी, जनपद सदस्य कविता मालवी, सुनीता देशमुख, श्रीमती वर्षा खाड़े, श्रीमती कृष्णा अमरुते शामिल हुई।
कथा के अंत में कन्या भोजन करवा कर रुद्राक्ष वितरण के बाद भंडारा प्रसादी का आरम्भ किया गया। 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की एवं अभिमंत्रित रुद्राक्ष प्राप्त किए। आयोजन समिति ने बताया कि सात दिनों तक समस्त भक्तों ने बड़ी ही श्रद्धा से कथा का आनन्द लिया।



