Anokha Rakshabandhan : जीवन देने वाले हरे भरे भैया को बांधी 75 फिट की राखी
Anokha Rakshabandhan: 75 feet Rakhi tied to the green brother who gives life
सैनिकों का पैर पखारकर किया सम्मान, बांधी राखी

Anokha Rakshabandhan : (बैतूल)। मेरी माटी मेरा देश व शहीद अमृता देवी विश्नोई के बलिदान दिवस पर मंगलवार को ताप्ती आंनद क्लब सिमोरी व लायंस क्लब महक द्वारा अभिनव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम संयोजक शैलेन्द्र बिहारिया ने बताया कि कार्यक्रम में सर्वप्रथम देश के लिए अपना सर्वस्व निछावर करने वाले सैनिकों का आरती उतारकर, तिलक करके, गमछे, माला, स्मृति चिन्ह व ताप्ती जल से पैर पखारकर सम्मान किया गया।
सम्मान पाकर सैनिक भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने सूबेदार मेजर पंडरी डांगे, सैनिक विजय नरवरे, शिवपाल उघड़े, सूबेदार दीनदयाल गंगारे, नायब सुबेदार रामकिशोर गंगारे, हवलदार रमेश बोकडे, हवलदार रमेश बोकडे, हवलदार दिनेश विश्वकर्मा, हवलदार शिवदयाल तायवड़े को राखी बांधकर उनके ऊपर पुष्प वर्षा की।
कार्यक्रम में प्रदेश प्रतिनिधि रेडक्रास संजय शुक्ला, पंजाबराव गायकवाड़, प्रितमसिंग मरकाम, पिंटू ओजोने, दसन धुर्वे, भूता बडौदे, पंजाब वरकड़े, तुलसीदास ओजोने, नामदेव बडौदे, भागसिंग कुमरे ने सभी सैनिकों का आत्मीय सम्मान कर बच्चों के द्वारा बनाई गई पत्तो की राखियों का निरीक्षण करवाया।
इस अवसर पर लायन्स क्लब महक की निहारिका भावसार, कंचन आहूजा व उनकी टीम के साथ ग्रामीणों व स्कूली बच्चों ने तैयार की 75 फिट की राखी को तिरंगा रैली के साथ सिमोरी जंगल में लाया। रैली में सुनी धरती करे पुकार, वृक्ष लगाकर करो श्रृंगार, इनसे ही जीवन है ये भैया नंबर वन है के गगनभेदी नारे लगाए गए।
जंगल पहुँचकर बहनों द्वारा अपने हरे भरे भैया को 75 फिट लंबी राखी बांधी गई। इस अवसर पर ग्राम सरपंच रामप्रसाद उइके, सचिव बलराम पवार, शिक्षक ममता गोहर, अजय बडौदे, समाजसेवी अजय बडौदे, मनोहरी वरकड़े, ईश्वर नवड़े, इंदल बेले, सावन्या बडौदे, संजय बडौदे, वासुदेव ओजोने ने पेड़ पौधों के जयकारे के साथ उनका पूजन किया पंजाबराव गायकवाड़ ने कहा कि जब शहीद अमृतादेवी विश्नोई व 362 लोग पेड़ों की रक्षा के लिये अपना सिर कटवा सकते है तो इस रक्षा बंधन पहला रक्षासूत्र पेड़ों को अवश्य बांधे। इस अवसर पर प्रितमसिंग मरकाम ने कहा कि जीवन रूपी आक्सीजन देने वाले हरे भरे पेड़ पौधे ही भैया नंबर वन है। निहारिका भावसार व कंचन आहूजा ने कहा कि पेड़ों को राखी बांधकर आज बड़ा अच्छा लगा क्योंकि इनसे ही हम सबको जीवन मिलता है। हमने पहला रक्षासूत्र आज पेड़ों को बांधा है।




