Betul Congress News: पिछले लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश की सभी 29 सीटों से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। यहां तक कि छिंदवाड़ा जिसे कमलनाथ का गढ़ माना जाता था वह किला भी भरभराकर गिर गया, इधर बैतूल में 2018 के विधानसभा चुनाव में लगभग 26000 वोट से जीत दर्ज करने वाले विधायक निलय डागा को भी विधानसभा में हार का मुंह देखना पड़ा था, लोकसभा, विधानसभा में लाड़ली बहना योजना की लहर से ही भाजपा को पूरे प्रदेश में विजयश्री मिली थी, इधर 2023 के विधानसभा चुनाव में हार जीत का अंतर देखा जाए तो निलय डागा जीत के काफी करीब थे,

लेकिन उनकी जो हार हुई वह केवल और केवल इसलिए हुई क्योंकि पूर्व विधायक निलय डागा की राजनीति में ‘टशन’ दिखाई देता है, यदि निलय डागा व्यवहार कुशल राजनीति करते तो शायद उनकी विधायकी अब भी कायम रहती, उनकी टशन का मात्र एक उदाहरण ही काफी है कि गंज में बनने वाला गंज मंडी कॉम्पलेक्स की नीव रखे 9 साल बीत गए लेकिन ये पूरा नहीं हुआ, विधायक हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल में स्वीकृत हुए गंज मंडी काम्पलेक्स की ड्राइंग डिजाइन विधायक बनने के बाद निलय डागा ने ही बदलवाई थी, बस उसके बाद से ही रुकावटों का सिलसिला कायम है,
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अब ये पता नहीं कि ये कॉम्पलेक्स कब बनकर तैयार होगा, क्योंकि भाजपा के सत्ता में आने के बाद विधायक हेमंत खंडेलवाल ने भी इधर दया दृष्टि नहीं दिखाई है, जिसके चलते पूरा गंज का बाजार पिछले 9 सालों से अव्यवस्थित है। ये अलग बात है कि भाजपा के कार्यकाल में शुरू हुआ निर्माण कांग्रेस के कार्यकाल में भी अधूरा रहा और भाजपा के कार्यकाल में भी यही आलम है। खैर जो भी लेकिन पूरे प्रदेश में ही कांग्रेस लगभग ऑक्सीजन मोड पर है जैसे पार्टी का ही अस्तित्व खत्म होने वाला हो।
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Betul Congress News: भाजपा में शामिल सुनील शर्मा के कार्यकाल में जीते थे निलय डागा

दल बदलकर भाजपा में शामिल हुए पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा के कार्यकाल में ही निलय डागा चुनाव जीते थे, लेकिन कहना कतई गलत होगा कि सुनील शर्मा की मेहनत से निलय डागा विजयी हुए थे, बल्कि निलय डागा की जीत का श्रेय उनके पिता स्व. श्री विनोद डागा को जाता है। उनकी व्यवहार कुशलता और दक्ष राजनीति के चलते ही निलय डागा विधायक बने थे।
क्योंकि सुनील शर्मा जब अध्यक्ष थे तब भी कांग्रेस तीन धड़ों में ही बंटी दिखाई देती थी, निलय डागा का अपना ऑफिस है जहां वे राजनीतिक गतिविधयां देखते हैं, वहीं कांग्रेस के कार्यालय में उनका आना-जाना बहुत ही कम देखा गया, इसका सीधा सा मतलब ये है कि निलय डागा और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा की पहले से ही दूरियां देखी जा सकती थी। इसके बाद सुनील शर्मा गुट ने भाजपा ज्वाइन की तो सबकुछ दूध और पानी की तरह साफ हो गया।
Betul Congress News: जिला अध्यक्ष बनने के बाद तीसरे मोर्चे हेमंत वागद्रे रहे कांग्रेस को ऑक्सीजन

सुनील शर्मा के बाद फुल फ्लेश कांग्रेस जिलाध्यक्ष बने हेमंत वागद्रे ने अब कांग्रेस की कप्तानी संभाली है और लगातार हर दूसरे दिन उनका कोई ना कोई बयान मीडिया की सुर्खियोंं में होता है, लेकिन कांग्रेस को ऐसा पहले करना चाहिए था, क्योंकि अकेले हेमंत वागद्रे ग्रुप कांग्रेस को ऑक्सीजन के पलंग से नहीं उठा सकता। हां यदि सुनील शर्मा और निलय डागा भी हेमंत वागद्रे की ताकत बन जाते तो शायद कांग्रेस का रंग और रूप बैतूल में कुछ और ही होता। लेकिन शर्मा अब भाजपा में हें, खैर जो भी हो तीनों की अपनी अपनी ‘टशन’ बरकरार है।
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