बैतूल

Betul News : आत्मस्वरूप का साक्षात्कार करना आवश्यक: स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती

Betul News : It is necessary to interview the Self: Swami Vasudevanand Saraswati

Betul News : आत्मस्वरूप का साक्षात्कार करना आवश्यक: स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती
Betul News : (बैतूल)।
श्री अग्रसेन महाराज योग केंद्र, विनोबा नगर में आयोजित ध्यान साधना योग शिविर में रविवार को भारत भारती के प्रमुख मोहन नागर ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने शरीर, मन, बुद्धि आत्मा से योग से जुड़ना चाहिए। उन्होंने श्री अग्रसेन महाराज योग केंद्र की तारीफ में कहा कि लगातार 5 वर्ष से सक्रिय ये योग केंद्र के माध्यम से यह समाज में लोगों को जोड़ने का काम कर रहा है, एवं शारिरिक और मानसिक रूप से लोगो को योग से जुड़ने की प्रेरणा दी।

योग शिविर के तीसरे दिन स्वामी वेदांताचार्य 1008 स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने ओहम कार की ध्वनि से एवं प्राणायाम से शुरूआत की। उन्होंने आज अपने आराध्यान के माध्यम से बताया कि योग दुख का हरण करता है, और इसका काम है जुड़ना। उन्होंने शारीरिक एवं वैचारिक स्वास्थ दोनों को आवश्यक बताया। हमारा देह आचरण शुद्ध होना चाहिए, वाणी में प्रेम एवं मन के स्थिर होने की बात कही एवं अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ होने पर जोर दिया। उन्होंने क्रमशः मुलाधार चक्र, स्वादिष्ठान चक्र, मणिपुर चक्र, अनाहद चक, विशुद्ध चक्र, आज्ञा चक्र के बारे में बारी-बारी से प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी चक्रों का काम सृजन करना तृप्ति का सुख, मानसिक शांति प्रदान करना है।

Betul News : आत्मस्वरूप का साक्षात्कार करना आवश्यक: स्वामी वासुदेवानंद सरस्वतीईश्वर हृदय में और जीव कंठ में निवास करते हैं एवं ईश्वर की कृपा के बिना इस संसार में किसी को मुक्ति प्राप्त नही हो सकती। जो शिवशक्ति की उपासना करते है, वे मुक्ति के लिए पात्र होते हैं। उन्होने कहा कि हम स्वयं को आज्ञाचक के माध्यम से दिव्य एवं प्रकाशवान बना सकते हैं। अंत में उन्होंने कहा कि हर मनुष्य ध्यान के माध्यम से आत्मस्वरूप का साक्षात्कार कर ब्रहम लोक में स्थान प्राप्त कर सकता है। अंत में श्री अग्रसेन महाराज योग केंद्र के संस्थापक अनिल राठौर ने योग शिविर में जो कुछ भी सीखा उसे अपने जीवन में आत्मसात करने एवं निरंतर योग करके निरोग रहने की बात कही एवं रोशन मोखड़े ने सभी का आभार प्रदर्शन कर कहा कि योग का विराम हो सकता हैं, समापन नही यह क्रिया निरंतर जारी रहती हैं।

Sagar Karkare

My Name is Sagar Karkare. I am the Editor of This Web Site,

Related Articles

Back to top button