Betul Samachar : रक्त का काेई विकल्प नहीं, इसका दान ही एकमात्र उपाय : प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र सोलंकी, सेवा भारती बैतूल एवं गौ ग्राम संस्कृति संरक्षक समिति ने किया रक्तदान शिविर का आयोजन
Betul Samachar: There is no alternative to blood, its donation is the only solution: Provincial Organization Minister Surendra Solanki, Seva Bharti Betul and Gau Gram Culture Guardian Committee organized blood donation camp
25 यूनिट हुआ रक्तदान, 50 से अधिक लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
Betul Samachar : (बैतूल)। पूज्यसंत निक्कुदास महाराज की स्मृति में गौ ग्राम संस्कृति संरक्षक समिति द्वारा रानीपुर में श्रीरामचरितमानस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। एक माह तक चलने वाले इस आयोजन में विभिन्न सेवा कार्य किया जा रहे हैं। इसी के तहत सेवा भारती बैतूल एवं गौ ग्राम संस्कृति संरक्षक समिति द्वारा रक्तदान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सेवा भारती के प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंग सोलंकी, सेवा भारती बैतूल के सचिव दीपेश मेहता एवं औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मनजीत सिंह साहनी, ज़िला औषधि संघ के सचिव सुनील सलूजा, सुनील कमाविसदार, डॉ भगवानदास सिनौटिया, डॉ चंद्रशेखर नागले विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर में जहां 25 यूनिट रक्तदान हुआ, वहीं लगभग 50 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।
शिविर के दौरान सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है, लेकिन अभी तक रक्त का कोई विकल्प नहीं मिला है। रक्त का एकमात्र उपाय रक्तदान ही है। इसलिए रक्तदान को महादान कहा जाता है। यह एक ऐसा दान है जो न सिर्फ अपनों की बल्कि उनका भी जीवन बचाता है जिनसे खून का कोई रिश्ता नहीं होता।
जहां बीमार व लाचार की सेवा पुण्य का कार्य है इसमें रक्तदान सबसे बढ़कर है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सामाजिक चेतना के कार्यक्रम हम सबको समय-समय पर करना चाहिए, जिससे समाज में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और जरूरतमंदों को इस रक्त शिविर से एकत्र रक्त यूनिट का लाभ मिलता है। हम जितना अधिक से अधिक शिविर का आयोजन कर सकते हैं करना चाहिए। समाज में इस प्रकार के काम सामाजिक समरसता का भाव पैदा करने के समान है।
रक्त से बढ़कर कोई दान नहीं: दीपेश मेहता
दीपेश मेहता ने कहा कि सावन के इस पावन पर्व में हमें दान पुण्य करना चाहिए और रक्त से बढ़कर कोई दान नहीं हो सकता। आज सामाजिक तौर पर भी देखा जाये तो रक्त दान करने से बहुत से मरीजों को भी लाभ मिल जाता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में थैलेसीमिया और सिकेलसेल के मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता और सभी के सहयोग की बहुत आवश्यकता है। रक्त दान से हम बहुत से लोगो के जीवन को राहत पहुंचा सकते है। श्री साहनी ने सबसे रक्तदान करने की अपील की और ऐसे पुनीत कार्यों में सबके सहयोग की अपेक्षा जताई। इसके बाद सभी अतिथियों ने शिवजी की पूजा अर्चना कर भोजन प्रसादी ग्रहण की।



