Betul Today Samachar: श्री महावीर देवस्थान की दानपेटी पर ताला डालते ही फूटा मंडल अध्यक्ष का गुबार,फर्जीवाड़े के दस्तावेज किये सार्वजनिक
Betul Today Samachar: As soon as the donation box of Shri Mahavir Devasthan was locked, the circle president's bubble burst, documents of forgery made public
Betul Today Samachar:(बैतूल/आठनेर)। श्री महावीर देवस्थान हिवरा माँ भवानी मंदिर की दानपेटी में स्वयंभू समिति अध्यक्ष तरुण साकरे द्वारा ताला डालते ही भाजपा मंडल अध्यक्ष गोवर्धन राने का गुबार फूट गया और उन्होंने मंदिर समिति के अध्यक्ष के फर्जी दस्तावेज सार्वजनिक कर दिये हैं। वहीं अब उनके द्वारा सार्वजनिक किये गये दस्तावेजो की जांच एवं उचित कार्यवाही की मांग ग्राम के पटेल परिवार सहित माँ भवानी के भक्त कर रहे हैं। वर्षों तक जो मालगुजार रहे एवं जिनके पास दस्तावेज में आज भी अपने पुरखों के नाम दर्ज है वे सर्वराकार भी अब इसे न्यास घोषित कराने कटिबद्ध नज़र आ रहे हैं। अब देखना होगा कि शासन – प्रशासन यहाँ क्या कुछ करता है?
धार्मिक भावनाएं हो रही आहत
महावीर देवस्थान माँ भवानी मंदिर हिवरा में फर्जी जिम्मेदार अध्यक्ष द्वारा जिस तरह का कृत्य किया जा रहा है उससे लाखों लोगों की भावनाएं आहत हो रही है। जिसके चलते पटेल परिवार के सदस्यों सहित मंदिर से जुड़े भक्तों में आक्रोश पनप रहा है।
लगभग 500 वर्ष पुराने प्रमाण भी नहीं रखते मायने
मंदिर समिति से जुड़े फर्जी अध्यक्ष द्वारा लगभग 500 वर्ष पुराने प्रमाणित दस्तावेज जो कि मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा विभिन्न स्तरों पर पूर्व में प्रेषित किये जाने की जानकारी देने के बाद भी कोई सार्थक पहल नहीं की जा रही है।
न्यायालय जाने की तैयारी
श्री महावीर देवस्थान माँ भवानी मंदिर जीर्णोद्धार समिति एवं यहां से निःस्वार्थ आस्था रखने वाले भक्तगण अब सड़क पर उतरकर न्यायालय का द्वार भी खटखटाने की तैयारी कर रहे है। हिवरा के प्रतिष्ठित मालगुजार एवं पटेल परिवार के सदस्य तथा माँ भवानी के अनन्य भक्तों ने अब ऐसा प्रण कर लिया है।
मंडल अध्यक्ष ने फर्जी दस्तावेज किये सार्वजनिक
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने जो दस्तावेज सार्वजनिक किये हैं, ग्राम पंचायत हिवरा और नगर परिषद आठनेर दोनों जगह तरुण साकरे का नाम दर्शित हो रहा है। वहीं एक कागज़ में ग्राम पंचायत हिवरा से उसपर डिलीटेड भी दर्शा रहा है। ये गहन जांच का विषय है? जो दस्तावेज उपलब्ध कराये गये है, उससे तो ऐसा प्रतीत होता है कि मंदिर समिति अध्यक्ष द्वारा सोची समझी साजिश के तहत यह षड्यंत्र रचा जा रहा है।



