बैतूल
Betul Today News: वन विद्यालय मे मनाया राष्ट्रीय वन शहीद दिवस, सीसीएफ में अधिकारी कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प
Betul Today News: National Forest Martyrs Day celebrated in Forest School, CCF officers and employees took pledge for environmental protection

Betul Today News:(बैतूल)। वन विद्यालय परिसर में सोमवार 11 सितंबर को राष्ट्रीय वन शहीद दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में वन एवं वन्यप्राणी सुरक्षा कार्य के दौरान अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वन वृत्त बैतूल के शहीद वनकर्मी दिवंगत सुरेश चन्द्र शर्मा, किशोरी लाल मोरे, सुरेश यादव, गंभीर सरियाम सुरक्षा श्रमिक, दीपक सुरक्षा श्रमिक एवं शहीद अनिराम उईके के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजली दी गई। मुख्य वन संरक्षक ने पर्यावरण की रक्षा करने हेतु उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियों को संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वन संरक्षक, वन वृत्त बैतूल पी.जी. फूलझेले भा.व.से. ने कहा हमारी प्रकृति अनमोल है, और वनों का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे वन कर्मचारी, जो दिन-रात कठिनाइयों का सामना करते हैं, वनों की रक्षा करने के चलते अपनी जान गंवा देते हैं, उन्हें वन शहीद कहा जाता है। राष्ट्रीय वन शहीद दिवस, इन वन शहीदों को समर्पित है जो अपने जीवन की आहुति देकर हमारे वनों की रक्षा करने का काम करते हैं।

कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी दक्षिण बैतूल (सा.) विजयानन्थम टी. आर. (भा.व.से.), वनमंडलाधिकारी उत्तर बैतूल (सा.) दिवांशु शेखर (भा.व.से.), वनमंडलाधिकारी पश्चिम बैतूल (सा.) वरुण यादव (भा.व.से.) तथा बैतूल वृत्त के समस्त उपवनमंडलाधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी, एवं समस्त स्टॉफ उपस्थित रहे। मुख्य वन संरक्षक, वन वृत्त बैतूल द्वारा वन एवं वन्यप्राणी की सुरक्षा हेतु मिलजुलकर कार्य करने एवं आम जनता के सहयोग से वन एवं पर्यावरण की रक्षा करने हेतु उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियों को संकल्प दिलाया गया।

इसलिए मनाया जाता है वन शहीद दिवस
देश में हर साल 11 सितंबर को राष्ट्रीय वन शहीद दिवस मनाया जाता है। ये दिन उन कर्मचारियों को याद करने और सम्मान देने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने भारत में वन्यजीवों, जंगलों और जंगलों की रक्षा के लिए अपनी जान गंवा दी। दरअसल 11 सितंबर 1730 में देश में पेड़ों को काटने से बचाने के लिए खेजड़ली नरसंहार हुआ था। जिसके बाद 2013 से 11 सितंबर को ये दिन मनाने का फैसला भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने द्वारा किया गया. इस दिन देश भर में वन क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें वन कर्मचारियों के योगदान को सार्थकता दी जाती है।



