Illegal liquor pricing in Betul: बैतूल शहर का आलम यह है कि शराब की कीमतें और रेट लिस्ट के लोचे के चलते सुरा प्रेमी नाकों चने चबा रहे हैं… उपभोक्ता की दृष्टि से देखा जाए तो शराब की दुकान पर शराब के वास्तविक मूल्य की लिस्ट दुकानदार को लगाना अनिवार्य है, नहीं तो यह एक उपभोक्ता के अधिकार का हनन भी माना जाता है, लेकिन नियम, कायदों को दरकिनार करके शराब ठेकेदार के गुर्गे शराब की दुकान पर न तो रेट लस्ट लगा रहे हैं और न ही किसी एक कीमत पर शराब बेच रहे हैं, शराब के पौवे से लेकर बोतल तक पर मोटी रकम ग्राहकों से ली जा रही है।

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने 15 मई को एक प्रेस नोट के माध्यम से शराब ठेकेदार को अधिक कीमत में शराब नहीं बेचने की हिदायत दी थी, इसके साथ भी नियम कायदों के तहत दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा करने की भी बात कही गई, लेकिन ठेकेदार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी और शराब की दुकानों तक कीमतों की सूची नहीं पहुंची तो वहीं ज्यादा कीमत ग्राहकों से वसूली भी जारी रही। बैतूल की कोठीबाजार, सदर, बडोरा क्षेत्र, इटारसी रोड की शराब दुकानों में रेट लिस्ट नहीं होने के साथ ही ज्यादा कीमत पर शराब बेचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
किसी ने खूब लिखा है…..
बगैर दाँत वाले भी उठा लेते हैं लुत्फ इसका।
ये शराब है मेरी जाँ इसे चबाना नहीं पड़ता…।।
Illegal liquor pricing in Betul: शराब से इतना कमाती है मध्यप्रदेश सरकार
ऐसा नहीं है कि शराब की कमाई से सरकार को मुनाफा नहीं होता, एक रिपोर्ट े अनुसार आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार को शराब की बिक्री से सालाना लगभग 13,900 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है।
लक्ष्य:-
आने वाले और चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए, सरकार ने शराब की बिक्री से 16,000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रखा था।
वर्तमान स्थिति:-
एक अधिकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में, कंपोजिट दुकानों के माध्यम से शराब की बिक्री से लगभग 15,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है।
नई नीति:-
आने वाले और चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शराब ठेकों के समूहों की नीलामी से 17,000 करोड़ रुपये से अधिक मिलने की उम्मीद है।

आबकारी विभाग का लक्ष्य:-
आबकारी विभाग 16,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य लेकर चल रहा है.
शराब की कीमत में वृद्धि:-
एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में शराब की कीमत में वृद्धि की संभावना है, जिससे सरकार को और अधिक राजस्व प्राप्त हो सकता है. बावजूद इसके शराब दुकानों पर उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन किया जा रहा है, अधिक वसूली की शिकायतें रोजाना मिल रही हैं।
Illegal liquor pricing in Betul: यहां शराब दुकान का बेजा आंतक
मुल्लाजी हार्डवेयर की दुकान के पास राजेन्द्र वार्ड में संचालित आंगनवाड़ी के समीप स्थित शराब दुकान को हटाने की मांग कई बार लोग कलेक्टर से कर चुके हैं। दरअसल यहां पर शराब की दुकान से सटी हुई बच्चों की आंगनवाड़ी है, तय समय से पहले सुबह सुबह खुलने वाली इस शराब दुकान पर शराबियों का शोर, वहीं दुकान के पीछे लंबा चौड़ा मैदान शराबियों के लिए मदिरालय से कम नहीं है, ऐसे में आंनगवाड़ी में बच्चों की पढ़ाई पर भी इस दुकान से खलल पड़ रहा है।

Illegal liquor pricing in Betul: सबसे बड़ी बात यह है कि इस क्षेत्र में शराब का प्रसिद्ध एक मंदिर भी है वहीं जहां पर यह शराब दुकान है वह पूरा क्षेत्र रिहायशी इलाका है, शराब दुकान के साइड से ही रेलवे मालगोदाम लगा हुआ है और यहां रेलवे का ऑफिस भी संचालित है। कलेक्टर सहित बैतूल विधायक तक से इस दुकान को हटाने के लिए लो गुहार कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं वहीं आबकारी कर्मचारियों का आलम यह है कि ऐसा लगता है वे सरकार की नहीं शराब ठेकेदार की नौकरी बजा रहे हैं।
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