बैतूल

Super 100 Betul: स्टूडेंट्स की जान से खेल रहा सुपर-100

Super 100 Betul: Super-100 is playing with the lives of students

Super 100 Betul: जेएच कॉलेज रोड पर संचालित सुपर-100 कोचिंग क्लासेस बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। लाखों के टर्नओवर वाले इस संस्थान में नाकाफी फायर सेफ्टि के इंतजामों के बीच सैकड़ों बच्चे रोजाना जान हथेली पर लेकर अपना भविष्य संवारने सुपर-100 कोचिंग जाते हैं, लेकिन यहां पर भीड़ को सुरक्षा देने के उपायों पर काम नहीं किया गया है, कोचिंग में फायर सेफ्टि के कोई इंतजाम नहीं है।

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जबकि प्रदेश में पिछले सालों में कोचिंग सेंटरों में घटी आगजनी की घटनाओं के बाद शासन-प्रशासन ने फायर सेफ्टि के नए नियम कायदे निकाले लेकिन शहर के कोचिंग संस्थान इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। खासकर सुपर-100 जैसे संस्थाओं को तो पहले इन उपायों की ओर ध्यान देना चाहिए।

Super 100 Betul: जितना खर्च प्रचार पर, उतना सुरक्षा पर क्यों नहीं?

सुपर-100 कोचिंग जिस तरह से अपना प्रचार शहर से लेकर पंचायतों तक में होर्डिंग लगाकर कर रहा है, उतना अपने संस्थान में फायर सेफ्टि एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों पर भी लगाना चाहिए ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।

Super 100 Betul: शिक्षा की गुणवत्ता पर भी उठ रहे सवाल?

सुपर-100 कोचिंग में शैक्षणिक व्यवस्था के बारे में जब सवाल किया गया तो ललित मास्साब का कहना था कि आप आरटीआई लगा लो उसी से जानकारी मिल जाएगी। लेकिन तकनीकी जानकारी देने से वे बचते रहे।

Super 100 Betul: टीचर कम और स्टाइलिश ज्यादा लगता है सुपर-100 का संचालक मंडल

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Super 100 Betul: मास्साब! प्राइवेट सेक्टर में आरटीआई नहीं लगती…!

सुपर-100 कोचिंग से जितनी भी बार सवाल जवाब किए गए किसी भी बात का ठीक ढंग से जवाब नहीं देना शायद इनके संचालक मंडल की आदत सी हो गई है, लेकिन जब अभिभावक बच्चें को पढऩे भेज रहा है तो स्वाभाविक है कि वह जानकारी तो मांगेगा, अब जब तक अभिभावक संतुष्ट ना हो जाए वह कैसे अपने बच्च्े को पढऩे के लिए भेज सकता है। 

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Super 100 Betul: शैक्षणिक दस्तावेजों की जानकारी मांगने पर ललित मास्साब कहते हैं कि आप आरटीआई लगा दो उसके तहत जानकारी दे दी जाएगी, लेकिन शायद मास्साब इतने भी पढ़े लिखे नहीं हैं कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि प्राइवेट सेक्टर में आरटीआई नहीं लगती, अब यदि उन्होंने ऐसी कोई व्यवस्था की हो तो वे ही बताएं हम आरटीआई के तहत जानकारी निकाल लेंगे। 

Super 100 Betul: अब ये जरूरी

कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी के नए नियमों में मुख्य रूप से अग्नि सुरक्षा उपकरण, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, और भवन सुरक्षा कोड का पालन शामिल है। कोचिंग संस्थानों को आग से संबंधित आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशामक यंत्र, स्मोक डिटेक्टर, और आपातकालीन अलार्म जैसे आवश्यक उपकरण रखने होते हैं. इसके अलावा, प्रत्येक कोचिंग सेंटर को अग्नि और भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहिए और अग्नि सुरक्षा कोड का पालन करना चाहिए।

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Super 100 Betul: अग्नि सुरक्षा उपकरण:– कोचिंग संस्थानों में अग्निशामक यंत्र, स्मोक डिटेक्टर, आपातकालीन अलार्म, और अन्य आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण होने चाहिए. 

Super 100 Betul: सावधानी जरूरी: सूरत में गई थी 24 लोगों की जान

वर्ष 2019 में सूरत में कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना में 24 छात्रों की मौत हो गई थी, जिसका असर भोपाल के कोचिंग सेंटरों पर भी पड़ा है। संभागीय आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव द्वारा आदेशित अग्नि सुरक्षा निरीक्षण में पाया गया कि किसी भी कोचिंग सेंटर में बुनियादी अग्नि सुरक्षा सुविधाएं भी नहीं थीं। चार निरीक्षण टीमों ने पाया कि शहर के सबसे व्यस्त इलाके एमपी नगर में लगभग 250 कोचिंग सेंटर हैं, जहाँ अधिकांश कोचिंग सेंटर स्थित हैं, और अन्य इलाकों में, कई कोचिंग सेंटरों में आग बुझाने का यंत्र या फायर अलार्म सिस्टम तक नहीं था ऐसी की कुछ स्थिति अब बैतूल शहर की भी है।

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Super 100 Betul: 300 छात्र थे मौजूद, आग लगी तो रस्सी पकड़ लटके

15 जून 202 3 को दिल्ली के मुखर्जी नगर में स्थित ज्ञान बिल्डिंग में आग लग गई थी. इस बिल्डिंग में कई कोचिंग सेंटर चलते हैं और जिस समय आग लगी, उस समय इमारत में 300 छात्र थे. आग लगने के बाद इमारत में धुंआ उठने लगा. इसके बाद छात्रों में अफरा तफरी मच गई. छात्रों ने जान बचान के लिए इमारत से रस्सियों के सहारे कूदना शुरू कर दिया. इस दौरान चार छात्रों को चोटें भी आई हैं. इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आग करीब 11.45-11.50 बजे लगी थी. यह आग इमारत की तीसरी मंजिल में एक बिजली के मीटर में आग लगी थी. यहां भी फायर सेफ्टि के इंतजाम नहीं थे।

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Kartik Trivedi

Kartik Trivedi is the Editor in Chief of Yatharth Yoddha Digital Desk and He is also the youngest Publisher and Editor of Medhavi Samachar.

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