Legal News

MP High Court Jabalpur: मामूली बात पर चाकू मारा तो हत्या नहीं माना जाएगा, हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बदलकर 8 साल की जेल की

MP High Court Jabalpur: If a person is stabbed over a trivial matter, it will not be considered murder; the High Court has commuted the sentence of life imprisonment to 8 years in prison.

MP High Court Jabalpur: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई घटना बिना किसी पूर्व योजना के, अचानक उपजे विवाद और गंभीर उकसावे के कारण घटित होती है, तो उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के दायरे में नहीं रखा जा सकता। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनिन्द्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने इस सिद्धांत के आधार पर एक मामले में निचली अदालत द्वारा आरोपी को दी गई उम्रकैद की सजा को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने आरोपी की सजा को धारा 302 से बदलकर धारा 304 भाग-1 (गैर-इरादतन हत्या) करते हुए 8 वर्ष के कड़े कारावास की सजा सुनाई है।MP High Court Jabalpur

MP High Court Jabalpur: उधार न देने पर हुआ था मामूली विवाद

मामला बालाघाट जिले के बैहर थाना क्षेत्र का है, जहाँ साल 2017 में यह घटना घटी थी। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, मृतक लक्ष्मण ने एक मेडिकल स्टोर संचालक को उधार पर सामान देने से साफ मना कर दिया था। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हाथापाई शुरू हो गई। इसी बीच गुस्से में आकर आरोपी सुरेश उर्फ पप्पू गंदा ने लक्ष्मण के पेट में चाकू से एक वार (सिंगल ब्लो) कर दिया। इलाज के दौरान घटना के दो दिन बाद लक्ष्मण की मौत हो गई थी।

MP High Court Jabalpur: निचली अदालत ने दी थी उम्रकैद

इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश, बैहर (जिला बालाघाट) की अदालत ने 28 जून 2023 को फैसला सुनाते हुए आरोपी सुरेश को हत्या का दोषी माना था और उसे आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। आरोपी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर की थी।MP High Court Jabalpur

MP High Court Jabalpur: सुप्रीम कोर्ट के ‘स्टालिन बनाम राज्य’ फैसले का मिला हवाला

अपील की सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता सृजन नारंग ने दलील दी कि आरोपी की मृतक से कोई पुरानी दुश्मनी या इरादा नहीं था। मृतक के मृत्युपूर्व कथन (डाइंग डिक्लेरेशन) से भी साफ है कि घटना अचानक आवेश में आकर हुई और शरीर पर केवल एक ही चोट का निशान था। वहीं सरकारी अधिवक्ता अजय शुक्ला ने राहत का विरोध करते हुए कहा कि चाकू के वार से मृतक की आंतें फट गई थीं, जिससे उसकी जान गई।MP High Court Jabalpur

MP High Court Jabalpur: हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुनने और सबूतों को देखने के बाद माना कि यह मामला अचानक आए गुस्से और गंभीर उकसावे का है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिपादित नजीर ‘स्टालिन बनाम स्टेट (2020)’ का हवाला देते हुए आरोपी की सजा में संशोधन किया।

MP High Court Jabalpur: कोर्ट ने ₹25,000 का जुर्माना बरकरार रखते हुए सुरेश को 8 साल सश्रम कारावास की सजा भुगतने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही मारपीट की धारा 323 के तहत मिली 1 साल की सजा को भी बरकरार रखा गया है, यह दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी की ओर से दायर सजा निलंबन और जमानत के आवेदन को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया।

____________________________

इसी प्रकार की जानकारी और समाचार पाना चाहते हैं तो,हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़े व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए “कृपया यहां क्लिक” करे।

साथ ही हमारे इंस्टाग्राम के जुड़ने के लिए यहां “क्लिक करें“ 

Kartik Trivedi

Kartik Trivedi is the Editor in Chief of Yatharth Yoddha Digital Desk and He is also the youngest Publisher and Editor of Medhavi Samachar.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button