बैतूल
Betul News : नवरात्र में जन्म लेने वाली बेटियों को उपहार में दिए माता दुर्गा के नौ रूपों वाले सोने व चांदी के लॉकेट
Betul News: Gold and silver lockets with nine forms of Goddess Durga were gifted to daughters born in Navratri.

Betul News : (बैतूल)। नवरात्र के पावन पर्व पर जिला महिला कलार समाज व ताप्ती आनंद क्लब द्वारा जिला चिकित्सालय में रविवार अभिनव आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक शैलेन्द्र बिहारिया ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला अस्पताल प्रबंधक डॉ.शिवेंद्र अम्बुलकर, कलार समाज की महिला जिलाध्यक्ष श्रीमतीं बिंदु मालवीय, कार्यकारी जिला अध्यक्ष केके मालवीय, निमिष मालवीय, मनोहर मालवीय, प्रितमसिंग मरकाम काजल शर्मा, दीप मालवीय, संतोष पंवार उपस्थित थे।

इस अवसर पर बेटियों का पूजन कर चुनरी उड़ाई गई। नवरात्र की अष्टमी तक जन्म लेने वाली बेटियों को शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघण्टा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी रूप के सोने व चांदी से बने लाकेट भेंट किए। नारी शक्ति प्रतीक माताओं को सम्मानित किया गया।
शैलेन्द्र बिहारिया ने बताया कि आज भी समाज में बेटों व बेटियों के बीच भेद किया जाता है। बेटों के जन्म पर तो मिठाई बांटी जाती है परंतु बेटियों के जन्म पर पूरा परिवार मुह बनाता नजर आता है जबकि नवरात्र में जन्म लेने वाली बेटियों को साक्षात देवियों का स्वरूप माना जाता है।
खबर ये भी हैं :Betul Today Samachar : आकर्षण का केंद्र बनी मासोद में विराजी सौम्य स्वरूप मुस्कुराती दुर्गा प्रतिमा

कन्या के जन्म पर परिवार को उत्सव जैसा अनुभव कराने कन्या के प्रति समाज में सकारात्मक भाव लाने यह कार्यक्रम किया गया। कन्या को लक्ष्मी का रूप भी माना जाता है, उनके जन्म पर परिवार को धन संपदा, वैभव माता दुर्गा का आशीर्वाद मिला है। इसी का अनुभव कराने यह आयोजन किया गया है। बिंदु मालवीय व शैलेन्द्र बिहारिया ने कहा कि मां का गुरूर और पिता का सम्मान होती हैं बेटियां। माता लक्ष्मी का वरदान होती हैं बेटियां। नन्हें कदमों से उनके घर की आभा बढ़ जाती है। जिस घर में न हों बेटियां वहां वीरानगी छा जाती है।

ये बेटियां ही तो हैं, जो जीवन का आधार हैं। यही वजह है कि बिना बेटियों के इंसान के अस्तित्व की कल्पना मुमकिन नहीं है। मां, बहन और पत्नी के रूप में यह अपनी सभी खुशियों का बलिदान देने से भी नहीं चूकतीं। ऐसे में हमारा भी फर्ज बनता है कि इन्हें वाजिब आदर, सम्मान और प्रेम दें आज बेटों की चाह रखने वाले नवरात्र में कन्या पूजन के लिये बेटियों को ढूंढते रहते है। इस अवसर पर रत्ना शिवदीन बारंगवाड़ी को सोने की व 20 अन्य माताओं को चांदी की देवी प्रतिमा स्वरूप लाकेट भेंट किये गए।



